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Lucknow News: लखनऊ का पहला स्क्रैप सेंटर शुरू, कबाड़ वाहनों का होगा निस्तारण
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स्क्रैप सेंटर का उद्घाटन।
लखनऊ। राजधानी के पहले स्क्रैप सेंटर का मंगलवार को शुभारंभ हो गया। बंथरा के पहाड़पुर में बने सेंटर के शुरू होने से 15 साल पुराने कबाड़ हो चुके वाहनों के निस्तारण की राह आसान हो जाएगी।
केंद्र सरकार ने 15 वर्ष पुराने दो, तीन व चार पहिया वाहनों को सड़कों से हटाने के तहत स्क्रैप पॉलिसी बनाई है। इसी क्रम में जिले में बंथरा के पहाड़पुर गांव में पहला स्क्रैप सेंटर बनाया गया है। इसके निर्माण में करीब दो साल लगे। संचालन का जिम्मा पीएस इंटरप्राइजेज के पास है।
सेंटर के संचालक रजनीश सिंह ने बताया कि स्क्रैप सेंटर पर पुराने वाहनों की वैल्यू निकालने के बाद धनराशि व प्रमाणपत्र दिया जाएगा। वाहनों की वैल्यू उम्र, वजन व कंडीशन के आधार पर आंकी जाएगी। वहीं, परिवहन विभाग के अफसरों का कहना है कि फिटनेस सेंटर पर ऐसे वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं जारी किया जाएगा, जिनकी उम्र पूरी हो चुकी होगी और जो सड़क पर चलने लायक नहीं होंगे। उन्हें स्क्रैप सेंटर ले जाना होगा। इसके अलावा आग लगने, हादसे में क्षतिग्रस्त वाहनों को भी स्क्रैप सेंटर भेजना होगा।
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यह होगा फायदा
स्क्रैप सेंटर पर गाड़ी के वजन, उम्र व कंडीशन को देखते हुए उसकी वैल्यू लगाई जाएगी। वाहन के एवज में नकद धनराशि दी जाएगी। साथ ही एक प्रमाणपत्र भी मिलेगा। इसे दिखाने पर नए वाहन खरीदते समय उन्हें शोरूम पर छूट भी मिलेगी।
8.86 लाख वाहन पूरी कर चुके हैं उम्र
राजधानी में 15 साल पुराने 8.86 लाख वाहन हैं, जबकि कुल वाहनों की संख्या 37 लाख से अधिक है। इसमें दोपहिया वाहन 22 लाख से ज्यादा हैं। थ्री व्हीलर 1,07,351 व चार पहिया वाहन 7,80,605 हैं। एंबुलेंस 6,072, निर्माण वाहन 3,290, गुड्स व्हीकल 3,290, पब्लिक सर्विस वाहन 6,143, स्पेशल कैटेगरी वाहन 838, ट्रेलर 1,245 व ट्रैक्टर 27,957 हैं।
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केंद्र सरकार ने 15 वर्ष पुराने दो, तीन व चार पहिया वाहनों को सड़कों से हटाने के तहत स्क्रैप पॉलिसी बनाई है। इसी क्रम में जिले में बंथरा के पहाड़पुर गांव में पहला स्क्रैप सेंटर बनाया गया है। इसके निर्माण में करीब दो साल लगे। संचालन का जिम्मा पीएस इंटरप्राइजेज के पास है।
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सेंटर के संचालक रजनीश सिंह ने बताया कि स्क्रैप सेंटर पर पुराने वाहनों की वैल्यू निकालने के बाद धनराशि व प्रमाणपत्र दिया जाएगा। वाहनों की वैल्यू उम्र, वजन व कंडीशन के आधार पर आंकी जाएगी। वहीं, परिवहन विभाग के अफसरों का कहना है कि फिटनेस सेंटर पर ऐसे वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं जारी किया जाएगा, जिनकी उम्र पूरी हो चुकी होगी और जो सड़क पर चलने लायक नहीं होंगे। उन्हें स्क्रैप सेंटर ले जाना होगा। इसके अलावा आग लगने, हादसे में क्षतिग्रस्त वाहनों को भी स्क्रैप सेंटर भेजना होगा।
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यह होगा फायदा
स्क्रैप सेंटर पर गाड़ी के वजन, उम्र व कंडीशन को देखते हुए उसकी वैल्यू लगाई जाएगी। वाहन के एवज में नकद धनराशि दी जाएगी। साथ ही एक प्रमाणपत्र भी मिलेगा। इसे दिखाने पर नए वाहन खरीदते समय उन्हें शोरूम पर छूट भी मिलेगी।
8.86 लाख वाहन पूरी कर चुके हैं उम्र
राजधानी में 15 साल पुराने 8.86 लाख वाहन हैं, जबकि कुल वाहनों की संख्या 37 लाख से अधिक है। इसमें दोपहिया वाहन 22 लाख से ज्यादा हैं। थ्री व्हीलर 1,07,351 व चार पहिया वाहन 7,80,605 हैं। एंबुलेंस 6,072, निर्माण वाहन 3,290, गुड्स व्हीकल 3,290, पब्लिक सर्विस वाहन 6,143, स्पेशल कैटेगरी वाहन 838, ट्रेलर 1,245 व ट्रैक्टर 27,957 हैं।