खुशखबरीः लखनऊ जू में एक साथ हुआ चार शावकों के जन्म
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राजधानी के चिड़ियाघर से मंगलवार को बड़ी खुशखबरी आई। शेरनी वसुंधरा ने चार शावकों को जन्म दिया। चार शावक स्वस्थ हैं। वसुंधरा ने शावकों को दूध पिलाना भी शुरू कर दिया है। तीन दशक बाद जू में बब्बर शेरों का कुनबा आबाद हुआ है। वहीं जू में यह पहला मौका है जब एक साथ बब्बर शेर के चार शावकों ने जन्म लिया हो।
वसुंधरा ने बलरामपुर लॉयन हाउस की अपनी मांद में सुबह 11 बजे से 2:30 बजे के बीच शावकों को जन्म दिया। अस्पताल में बने कंट्रोल रूम से जू के निदेशक समेत तमाम मेडिकल स्टाफ तीन सीसीटीवी कैमरों से नवजातों की पल-पल की हरकत पर नजर रखे हैं। चारों शावकों के लिए अगले 72 घंटे महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं।
आने वाले 12-14 दिनों तक सिर्फ वसुंधरा-पृथ्वी का पर्सनल कीपर ही वहां जा सकेगा। वह भी दूर से ही वसुंधरा को खाना देगा। जबकि सीनियर डॉक्टरों समेत मेडिकल स्टाफ सिर्फ सीसीटीवी फुटेज से ही शावकों और वसुंधरा की मूवमेंट पर नजर रखेगा।
इटावा लॉयन सफारी में बीते दिनों पांच शावकों की मौत के बाद राजधानी के चिड़ियाघर में एक साथ चार शावकों के जन्म को बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पहले 1985-86 में शावकों का जन्म हुआ
शेरनी वसुंधरा ने चार शावकों को जन्म दे बड़ी खुशी दी। लखनऊ जू में इससे पहले 1985-86 में बब्बर शेर के शावकों का जन्म हुआ था। इन तीन दशकों में टाइगर, जेब्रा, दुर्लभ बंदरों, तेंदुआ, जिराफ के कुनबे तो बढ़े, लेकिन बब्बर शेरों का परिवार नहीं बढ़ सका।
हालांकि इस बीच बेबी, प्रिंस और शिवांगी ने जू में बब्बर शेरों की मांद की शान बढ़ाई। सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट इटावा लायन सफारी में जुलाई में दो शेरनियों से हुए पांच शावकों की मौत के बाद ये उपलब्धि लखनऊ जू के लिए बड़ी मानी जा रही है।
नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान, लखनऊ के निदेशक अनुपम गुप्ता ने बताया कि पृथ्वी की मादा साथी वसुंधरा ने गर्भावस्था के 105वें दिन करीब 11 बजे पहले शावक को जन्म दिया। उसके करीब दो घंटे के अंदर दो अन्य शावकों का जन्म हुआ। 2:30 बजे के चौथे शावक का जन्म हुआ।
शावकों के जन्म की जानकारी आला अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री को भी दी गई। जानकारों के मुताबिक प्रदेश के वाइल्ड लाइफ विंग में अब तक ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता जब प्राणि उद्यान में किसी बाघ या बब्बर शेरनी की फैमिली में एक साथ चार शावकों ने जन्म लिया हो।
सुबह से ही डॉक्टरों और स्टाफ ने डाला कंट्रोल रूम में डेरा
वसुंधरा की गर्भावस्था के 100 दिन पूरा होते ही उसके बलरामपुर लायन हाउस मांद में तीन सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए थे। इनका डिस्प्ले अस्पताल में मुख्य प्रशासक रूम में एक जॉइंट स्क्रीन पर हो रहा है।
उपनिदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अशोक कश्य, डॉ. विकास समेत तमाम मेडिकल स्टाफ राउंड द क्लॉक वसुंधरा की मूवमेंट पर नजर रख रहा है। मंगलवार सुबह वसुंधरा को लेबर पेन होने के साथ उसकी गतिविधियों को देखते ही डाक्टरों समेत निदेशक ने कंट्रोल रूम में डेरा डाला।
वसुंधरा का रिकॉर्ड अच्छा
फरवरी 2015 में यहां आने से पहले बिलासपुर जू से आए हाइब्रिड नर बब्बर शेर पृथ्वी और मादा वसुंधरा का बीता रिकॉर्ड काफी अच्छा है। दोनों वहां बब्बर शेरों के मदर स्टॉक में शुमार रहे हैं।
यह जोड़ा कानन पेंडारी जू में पहली बार में तीन शावकों को सफल जन्म दे चुका है। अब ये युवा हो चुके हैं और उज्जैन जू और कानन पेंडारी जू बिलासपुर में पल बढ़ रहे हैं। वसुंधरा और पृथ्वी को यहां फरवरी में लाने के बाद मई में करीब लाया गया था।