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लखनऊ : जमीन के विवाद मे घायल दो लोगों की मौत, पांच दिन पहले हुई थी वारदात, तनाव बरकरार
Fri, 03 Jun 2022 10:50 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 03 Jun 2022 10:50 PM IST
सार
ओम प्रकाश बाजार में सब्जी बेचकर अपने परिवार के लिए रोटी जुटाता था। उसके परिवार में पत्नी कमला देवी व मानसिक विक्षिप्त बेटा प्रियांशु (15) व प्रशांत (10) व एक बेटी कविता (8) है। वहीं महावीर किसानी कर अपने परिवार के लिये रोटी का इंतजाम करता था।
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विस्तार
लखनऊ में मोहनलालगंज के दीवानगंज गांव में पांच दिन पहले जमीनी विवाद में जमकर हुई मारपीट में बीते बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान दोनों पक्षो के एक-एक अधेड़ की इलाज के दौरान मौत हो गयी। शुक्रवार को दोनो मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे कोहराम मच गया। भारी पुलिसबल की मौजूदगी में दोनो पक्षों के परिजनों ने दोनों शव का अंतिम संस्कार किया। गांव में तनाव को देखते हुये पुलिस बल तैनात किया गया है।
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मोहनलालगंज के दीवानगंज गांव के वीरेंद्र व महावीर के बीच काफी समय से जमीनी विवाद चल रहा है। जिसको लेकर बीते रविवार को दोनों पक्षों के डेढ़ दर्जन के करीब लोग आमने-सामने आ गये ओर लाठी-डंडो, कुल्हाड़ी, बांके से जमकर मारपीट हुयी। जिसमें एक पक्ष से ओम प्रकाश, वीरेंद्र व उसकी पत्नी राम लली, राम सिहं गंभीर रूप से घायल हो गये थे। जबकि दूसरे पक्ष के महावीर व उसकी पत्नी सुनीता, बेटे हेमंत, तुलसी, राजाराम घायल हो गये। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों के घायलों को आनन-फानन सीएचसी लेकर गयी थी। जहां डाक्टरों ने एक पक्ष के वीरेंद्र, ओमप्रकाश, राम लली समेत दूसरे पक्ष के महावीर की हालत गंभीर देखते हुये ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया था। जिसके बाद परिजन अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराकर घायलों का इलाज करा रहे थे।
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इलाज के दौरान बृहस्पतिवार की सुबह ओम प्रकाश (52वर्ष) की ट्रामा सेंटर व देर रात महावीर (42वर्ष) की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। देर शाम परिजनों ने अपने अपने खेतों में शवों को ले जाकर अंतिम संस्कार किया। इस दौरान इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल व कई कंपनी पीएसी बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। दोनो शवों के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। गांव में तनाव को देखते हुये पुलिस बल तैनात किया गया है।
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ओम प्रकाश सब्जी बेच व महावीर किसानी कर चलता था घर
ओम प्रकाश बाजार में सब्जी बेचकर अपने परिवार के लिये दो जून की रोटी जुटाता था। उसके परिवार में पत्नी कमला देवी व मानसिक विक्षिप्त बेटा प्रियांशु (15) व प्रशांत (10) व एक बेटी कविता (8) है। वही दूसरा मृतक महावीर किसानी कर अपने परिवार के लिये दो जून की रोटी का इंतजाम करता है। उसके परिवार में पत्नी सुनीता व एक बेटा हेमंत व दो बेटिया हिमांशी व शगुन है। दोनो की मौत की खबर गांव पहुंची तो हर तरफ सन्नाटा पसर गया और मातम छा गया।
महावीर की मौत पर दूसरे पक्ष को नही हो रहा यकीन
शुक्रवार की सुबह जब महावीर की मौत की खबर दूसरे पक्ष के मृतक ओम प्रकाश के भाई वीरेन्द्र समेत उनके परिजनों को लगी तो उनको यकीन नही हो रहा था। शुक्रवार की दोपहर ढाई बजे के करीब ओम प्रकाश का शव लेकर परिजन गांव पहुंचे तो पुलिस पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए दूसरे पक्ष के मृतक महावीर का शव गांव आने पर देख लेने के बात कही। ओम प्रकाश के शव का अंतिम संस्कार करने पर अड़ रहे। इस दौरान मृतक ओम प्रकाश के परिजनों ने पुलिस से महावीर के शव का चेहरा खोलकर फोटो खींचकर भेजने की बात कही, क्योंकि उन्हें ये बिल्कुल यकीन नहीं था कि महावीर की मौत हो गयी। शाम पांच बजे जब महावीर का शव गांव पहुंचने पर परिजन अंतिम संस्कार के लिये ले गये। तब जाकर दूसरे पक्ष के परिजन मृतक ओम प्रकाश का शव अंतिम संस्कार के लिये ले गये।