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लखनऊ : युवक का सिर फोड़ा, हाथ-पैरों में ठोंके कील-कांटे, बच गया तो मारने के लिए अस्पताल भी पहुंचे
Tue, 09 Mar 2021 09:32 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 09 Mar 2021 09:32 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
जानकीपुरम इलाके में एक युवक को हमलावरों ने जमकर पीटने के बाद उसके हाथ-पैरों में कील व कांटे ठोक दिए। फिर मृत समझकर नहर किनारे उसे फेंककर भाग गए। युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया तो वहां भी दो हमलावरों को उसे मारने भेजा गया। मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की है।
जानकीपुरम विस्तार के बालाजी विहार निवासी शुभेंद्र प्रताप सिंह (25) हजरतगंज स्थित सैमसंग कंपनी में नौकरी करता है। 27 फरवरी की रात शुभेंद्र टहलने के लिए घर से निकला, इसके बाद वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया। आसपास तलाश करने पर भी शुभेंद्र का कुछ पता न चलने पर परिवारीजन ने जानकीपुरम थाने में सूचना दी।
अगले दिन 28 फरवरी की सुबह जानकीपुरम में ही नहर के पास शुभेंद्र मरणासन्न हालत में खून से लथपथ पड़ा मिला। उसके हाथ-पैरों में कील व कांटे ठोंक दिए गए थे। सिर पर भी गंभीर चोट थी। शुभेंद्र को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुभेंद्र के भाई आशीष के मुताबिक हमलावर उनके भाई को मृत समझकर छोड़ गए थे।
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शुभेंद्र के बचने की जानकारी होने पर 28 फरवरी की देर रात दो संदिग्ध युवक बलरामपुर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। आशीष का कहना है कि वे दोनों उनके भाई पर हमला करने की नीयत से आए थे। थाने में इसकी सूचना देने पर शुभेंद्र की सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
इंस्पेक्टर जानकीपुरम बृजेश सिंह ने बताया कि मामले में शुभेंद्र के ही परिचित शुभम अग्रवाल और राघवेंद्र उर्फ गौरव के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
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जानकीपुरम विस्तार के बालाजी विहार निवासी शुभेंद्र प्रताप सिंह (25) हजरतगंज स्थित सैमसंग कंपनी में नौकरी करता है। 27 फरवरी की रात शुभेंद्र टहलने के लिए घर से निकला, इसके बाद वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया। आसपास तलाश करने पर भी शुभेंद्र का कुछ पता न चलने पर परिवारीजन ने जानकीपुरम थाने में सूचना दी।
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अगले दिन 28 फरवरी की सुबह जानकीपुरम में ही नहर के पास शुभेंद्र मरणासन्न हालत में खून से लथपथ पड़ा मिला। उसके हाथ-पैरों में कील व कांटे ठोंक दिए गए थे। सिर पर भी गंभीर चोट थी। शुभेंद्र को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुभेंद्र के भाई आशीष के मुताबिक हमलावर उनके भाई को मृत समझकर छोड़ गए थे।
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शुभेंद्र के बचने की जानकारी होने पर 28 फरवरी की देर रात दो संदिग्ध युवक बलरामपुर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। आशीष का कहना है कि वे दोनों उनके भाई पर हमला करने की नीयत से आए थे। थाने में इसकी सूचना देने पर शुभेंद्र की सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
इंस्पेक्टर जानकीपुरम बृजेश सिंह ने बताया कि मामले में शुभेंद्र के ही परिचित शुभम अग्रवाल और राघवेंद्र उर्फ गौरव के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।