Lucknow: सहारा शहर की आलीशान प्रॉपर्टी अब नगर निगम की... 170 एकड़ जमीन कब्जे में ली, 10 घंटे चली कार्रवाई
परिसर के सभी छह गेटों में पांच को ताला लगाकर सील कर दिया गया है और एक गेट के ताले को सील नहीं किया गया ताकि नगर निगम के कर्मचारी अधिकारी आ जा सकें। सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
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एक सप्ताह पहले लीज निरस्त करने के बाद सोमवार को नगर निगम ने पूरी तरह से गोमती नगर स्थित सहारा शहर की 170 एकड़ जमीन को अपने कब्जे में ले लिया। परिसर के अंदर बने मकानों और कार्यालयों से सभी को बाहर निकालने के बाद सभी छह गेटों में पांच को ताला लगाकर सील कर दिया गया है और एक गेट के ताले को सील नहीं किया गया ताकि नगर निगम के कर्मचारी अधिकारी आ जा सकें। वहां पर सुरक्षा कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। परिसर खाली कराकर कब्जा लेने की कार्रवाई करीब 10 घंटे चली।
कब्जा लेने की कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम को हल्के विरोध का भी सामना करना उन कर्मचारियों का करना पड़ा जो बकाया वेतन की मांग को लेकर सहारा प्रबंधन के खिलाफ कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस की मदद से उनको गेट से बाहर किया गया। कार्रवाई को लेकर भारी पुलिस बल नगर निगम की टीम के साथ था ताकि हंगामा बवाल होने की स्थिति में उस पर काबू किया जा सके। हालांकि ऐसी नौबत नहीं आई।
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नगर निगम के जोनल अफसर संजय यादव और प्रभारी अधिकारी सम्पत्ति रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि परिसर में रहने वाले सभी को बाहर निकालकर उसे कब्जे में ले लिया गया है। कार्रवाई सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई और रात करीब आठ बजे तक चली। परिसर के अंदर कोई रह न जाए इसके लिए जांच करने के साथ ही एनाउंसमेंट भी कराया गया। यह बोर्ड भी लगा दिया गया है कि परिसर में अनाधिकृत प्रवेश करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गाय और बतख आज जाएंगी कान्हा उपवन
सम्पत्ति प्रभारी रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि सहारा शहर में करीब 20 गायें भी थीं। उनको कान्हा उपवन मंगलवार को भेजा जाएगा। आज खाली कराते शाम हो गई और गाय पकड़ने पर भड़क रहीं थीं। ऐसे में अभी उनको यहीं पर चारा दिला दिया गया है। सुबह भेजा जाएगा।परिसर में कुछ बतख भी हैं। इनको तालाब में छोड़ दिया जाएगा। कुछ गाड़ियां भी परिसर में अंदर हैं। कुछ गाड़ियां सहारा वाले ले गए हैं।
वेतन की मांग को लेकर कर्मचारी करते रहे प्रदर्शन
कार्रवाई के दौरान भी सहारा शहर के कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन बकाया वेतन की मांग को लेकर किया। यह कर्मचारी बृहस्पतिवार से प्रदर्शन कर रहे थे। कर्मचारियों का कहना है कि बीते 14 साल से सहारा प्रबंधन उनको पूरा वेतन नहीं दे रहा था। चार, छह महीने बीतने पर कभी दो महीने तो कभी तीन महीने का वेतन डाल देता था। पीएफ और ग्रेच्युटी का तो एक पैसा नहीं दिया। ऐसे में अब वह कहां जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान सहारा प्रबंधन से जुड़े कुछ लोग उनको समझाने आए मगर बात नहीं बनी। विरोध प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी अमित अवस्थी ने कहा कि अब नगर निगम ने परिसर को अपने कब्जे में ले लिया है। अब उनके पास दो ही रास्ते हैं कि वह अपने बकाया वेतन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के दरबार में जाएं या कोर्ट जाएं। इसको लेकर आपस में बैठकर सब तय करेंगे।