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लखनऊ : टैक्सी और स्कूली वाहनों में लगेंगे पैनिक बटन, डायल-112 से होगा वाहन का कनेक्शन
Wed, 10 Mar 2021 07:41 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 10 Mar 2021 07:41 PM IST
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स्कूल बस
- फोटो : अमर उजाला
परिवहन विभाग एक बार फिर टैक्सी, स्कूली वाहनों (बस) में पैनिक बटन व वीटीएस (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम) को लगाने के लिए सक्रिय हुआ है। तकनीकी इकाई ने मुख्यालय में कंट्रोर्ल रूम बनाकर वाहनों की मॉनीटरिंग करने की तैयारी शुरू कर दी है। मगर, इस नई व्यवस्था को प्रभावी होने में अभी वक्त लग सकता है।
दरअसल, वर्ष 2019 में परिवहन विभाग निर्भया योजना के तहत टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वीटीएस (वाहन की लोकेशन बताने वाली डिवाइस) को लगवाने के लिए जोरशोर से काम शुरू किया था, मगर कोरोना के चलते योजना अटक गई थी। टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन एवं वीटीएस को अपने खर्च पर लगवाना होगा। यानी इस मद में आने वाला आर्थिक बोझ वाहन मालिक को ही उठाना पड़ेगा।
विभाग के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (तकनीकी) कमल जोशी ने बताया कि टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वीटीएस डिवाइस लगने के बाद उसका कनेक्शन डायल-112 से भी होगा। जिससे वाहन में सफर करने वाली सवारियों की निगरानी करके उनकी सुरक्षा की जा सके।
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एआरटीओ-आरटीओ बनेंगे जिम्मेदार
टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वीटीएस को लगवाने की जिम्मेदारी हर जिले के एआरटीओ व आरटीओ को उठानी पड़ेगी। इनको टैक्सी व स्कूली वाहन में पैनिक बटन और वीटीएस लगवाने की रिपोर्ट मुख्यालय को करनी पड़ेगी।
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दरअसल, वर्ष 2019 में परिवहन विभाग निर्भया योजना के तहत टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वीटीएस (वाहन की लोकेशन बताने वाली डिवाइस) को लगवाने के लिए जोरशोर से काम शुरू किया था, मगर कोरोना के चलते योजना अटक गई थी। टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन एवं वीटीएस को अपने खर्च पर लगवाना होगा। यानी इस मद में आने वाला आर्थिक बोझ वाहन मालिक को ही उठाना पड़ेगा।
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विभाग के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (तकनीकी) कमल जोशी ने बताया कि टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वीटीएस डिवाइस लगने के बाद उसका कनेक्शन डायल-112 से भी होगा। जिससे वाहन में सफर करने वाली सवारियों की निगरानी करके उनकी सुरक्षा की जा सके।
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एआरटीओ-आरटीओ बनेंगे जिम्मेदार
टैक्सी, स्कूली वाहनों में पैनिक बटन व वीटीएस को लगवाने की जिम्मेदारी हर जिले के एआरटीओ व आरटीओ को उठानी पड़ेगी। इनको टैक्सी व स्कूली वाहन में पैनिक बटन और वीटीएस लगवाने की रिपोर्ट मुख्यालय को करनी पड़ेगी।