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लखनऊ: ख्याति प्राप्त डॉक्टरों ने बताया कि क्यों जरूरी है हादसे का पहला घंटा, इस तरह से बच सकती है जान
Sun, 13 Sep 2026 10:59 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 13 Sep 2026 10:59 PM IST
सार
सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने कहा कि गोल्डन ऑवर सिर्फ बड़े शहरों के मरीजों के लिए नहीं है। प्रदेश के हर हिस्से में हादसे, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मरीजों को शुरुआती इलाज मिलना चाहिए।
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अटल विहारी चिकित्सा विवि में हुआ आयोजन।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
हादसा हो, हार्ट अटैक या स्ट्रोक, मरीज के लिए पहला घंटा सबसे अहम होता है। समय पर प्राथमिक इलाज और सही तरीके से अस्पताल पहुंचाने पर जान बचाई जा सकती है। इमरजेंसी की यही व्यवस्था प्रदेश के हर जिले तक पहुंचनी चाहिए। ये बातें रविवार को तीन दिवसीय कॉमेट-2026 के समापन पर विशेषज्ञों ने दी। अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय के सहयोग से सोसाइटी ऑफ एक्यूट केयर, ट्रॉमा एंड इमरजेंसी मेडिसिन की ओर से हुए कार्यक्रम में छह देशों के 800 से अधिक डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल विशेषज्ञ शामिल हुए।
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सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने कहा कि गोल्डन ऑवर सिर्फ बड़े शहरों के मरीजों के लिए नहीं है। प्रदेश के हर हिस्से में हादसे, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के मरीजों को शुरुआती इलाज मिलना चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत है। केजीएमयू के ट्रॉमा सर्जरी विभाग के डॉ. समीर मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण का सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा। नर्स और स्वास्थ्यकर्मी टूर्निकेट लगाने, वेंटिलेटर संभालने और मरीज को बचाने वाली प्रक्रियाओं में दक्ष होंगे। कार्यक्रम में बैटल ऑफ द बेज में आठ टीमों ने अभ्यास किया। इसमें मणिपुर की टीम विजेता बनी। वहीं, मेदांता लखनऊ ने राष्ट्रीय इमरजेंसी मेडिसिन क्विज जीती।
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मेदांता लखनऊ ने नेशनल इमरजेंसी मेडिसिन क्विज़ में हासिल किया पहला स्थान
कॉन्क्लेव ऑफ मेडिकल इमरजेंसीज़ एंड ट्रॉमा (COMET 2026) के समापन सत्र में लखनऊ शहर को बड़ी सफलता हासिल हुई। मेदांता अस्पताल लखनऊ की टीम ने देशभर की 10 प्रतिस्पर्धी टीमों को पीछे छोड़ते हुए 'नेशनल इमरजेंसी मेडिसिन क्विज़' में प्रथम पुरस्कार अपने नाम किया।
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समारोह के समापन अवसर पर आपातकालीन चिकित्सा सेवा उत्कृष्ट पुरस्कार 2026 (SACTEM एक्सीलेंस अवॉर्ड्स) का आयोजन किया गया। इस दौरान कर्तव्य से आगे बढ़कर असाधारण सेवा देने वाले चिकित्सकों, रेज़िडेंट डॉक्टरों, स्नातकोत्तर शिक्षकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।