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जिंदगी पर भारी कालाबाजारी: पुलिस ने पकड़ी नकली रेमडेसिविर की खेप, चार गिरोह के 14 लोग गिरफ्तार

Sat, 24 Apr 2021 10:42 AM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 24 Apr 2021 10:42 AM IST
सार

कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार को रेमडेसिविर के नकली इंजेक्शन बेचने और कालाबाजारी करने वाले चार गिरोह के 14 लोगों को गिरफ्तार किया। 

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lucknow police arrested 14 people from four gangs who sold fake injections of remedisvir
बरामद नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन - फोटो : amar ujala

विस्तार

कमिश्नरेट पुलिस ने शुक्रवार को रेमडेसिविर के नकली इंजेक्शन बेचने और कालाबाजारी करने वाले चार गिरोह के 14 लोगों को गिरफ्तार किया। मानकनगर, नाका, अमीनाबाद और गोमतीनगर थानाक्षेत्रों में कार्रवाई के दौरान पकड़े गए आरोपियों में केजीएमयू के लारी, क्वीन मेरी के कर्मचारी, नर्सिंग छात्र, निजी अस्पताल मालिक और दो दवा व्यापारी हैं। इनसे 272 इंजेक्शन और करीब तीन लाख रुपये बरामद हुए हैं। कई जिलों में इनका नेटवर्क है।

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एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक मानकनगर पुलिस ने चार लोगों से 91 इंजेक्शन बरामद किए। आरोपियों में केजीएमयू से नर्सिंग तृतीय वर्ष का छात्र सुल्तानपुर के अलीगंज मुसाफिरखाना का विकास दुबे, सीतापुर से डीफार्मा की पढ़ाई पूरी कर चुका कौशल शुक्ला है। वह सीतापुर रोड स्थित हसनगंज के खाता में रहता है। केजीएमयू के लारी की ओटी में टेक्नीशियन सोनभद्र के पन्नूगंज गेदी का अजीत मौर्य और क्वीनमेरी में स्टाफ नर्स बलरामपुर के शंकरपुर के राकेश तिवारी को भी दबोचा गया है। इनसे स्कूटी और 5250 रुपये मिले हैं।
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एडीसीपी मध्य के मुताबिक कौशल से छह इंजेक्शन खरीदने की बात करने के बाद सर्विलांस और मानकनगर पुलिस टीम लगाई गई। कौशल ने 20 हजार रुपये में एक इंजेक्शन देने की बात कही, फिर 15 हजार में सौदा हुआ। कनौसी पुल के पास जैसे ही उसने सादे कपड़े में पहुंचे पुलिसकर्मी को इंजेक्शन दिए, टीम ने दबोच लिया। फिर उसकी निशानदेही पर विकास दुबे और अन्य को पकड़ा गया। इंजेक्शन में बंगलुरु की मायलांन लैबोरेट्री का स्टीकर लगा था। सरगना बाराबंकी के रितांशु मौर्या की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। इसमें इंस्पेक्टर मानकनगर धर्मेंद्र कुमार सिंह, सर्विलांस टीम से दारोगा राहुल सोनकर और सर्विलांस एक्सपर्ट आशीष द्विवेदी व अन्य हैं। 
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अमीनाबाद में दो व्यापारियों पर शिकंजा
अमीनाबाद इंस्पेक्टर आलोक कुमार राय ने नजीराबाद चौकी के पास इंजेक्शन की डिलीवरी देने आए सआदतगंज के कश्मीरी मोहल्ले के आमिर अब्बास और यहियागंज के सौरभ रस्तोगी को पकड़ा। इनसे 11 नकली इंजेक्शन और 39 हजार रुपये मिले। आमिर का बाजारखाला में मेडिकल स्टोर है और सौरभ पुरानी मेडिसिन मार्केट में दवा का काम करता है। बताया कि उन्हें दवा कंपनी का एमआर इंजेक्शन देता था। इंजेक्शन को फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है।

नाका पुलिस ने बरामद किए 116 नकली इंजेक्शन
नाका पुलिस ने चारबाग मेट्रो स्टेशन के पास डिलीवरी देने आए केजीएमयू के संविदाकर्मी गोण्डा के रामसागर समेत चार को रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते दबोचा। इनसे 116 नकली इंजेक्शन, 1,94,310 रुपये और तीन बाइकें बरामद कीं। एडीसीपी पश्चिमी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपितों में स्कोप हॉस्पिटल का कर्मचारी राजाजीपुरम सेक्टर-ई निवासी अमनदीप मदान, मोहनलालगंज बनियाखेड़ा का अंकुर वैश्य, हरदोई के संडीला का अंशु गुप्ता है।  रामसागर और अमनदीप को इंजेक्शन की सप्लाई बाराबंकी का रितांशु मौर्या करता था। शातिर एक इंजेक्शन 25 हजार रुपये में बेचते थे। ये फोन पर रोटी और लंच बाक्स के कोडवर्ड में बात करते थे। चार इंजेक्शन की डिलीवरी देनी होती थी तो कहते थे कि लंच बॉक्स में चार रोटी चाहिए। इंजेक्शन जांच के लिए भेजकर सरगना की तलाश की जा रही है।


गोमतीनगर में अस्पताल मालिक सहित चार गिरफ्तार
रेमडेसिविर की कालाबाजारी में गोमतीनगर पुलिस ने सीतापुर रोड स्थित हर्षा हॉस्पिटल के मालिक शहजाद अली सहित चार को गिरफ्तार किया। आरोपियों में काकोरी के दुबग्गा का सचिन रस्तोगी, फरीदीपुर का कृष्णा दीक्षित, ठाकुरगंज बर्फखाना के पास रहने वाला रितेश गौतम है। इनसे 54 इंजेक्शन और 51,400 रुपये बरामद किए। प्रभारी निरीक्षक केशव कुमार तिवारी के मुताबिक एमआर कृष्णा और रितेश 1500 रुपये में मिलने वाला इंजेक्शन बिचौलिये सचिन को 6000 रुपये में देते थे। वह इसे शहजाद अली को 10,500 में देता था। वह अपने मरीजों से एक इंजेक्शन के 20 हजार रुपये वसूलता था।

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