{"_id":"648f0b18ea54711ec903eb05","slug":"lucknow-news-vigilance-case-registered-against-brother-of-former-mla-rameshwar-singh-yadav-2023-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News : पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव के भाई के खिलाफ भी विजिलेंस केस दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News : पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव के भाई के खिलाफ भी विजिलेंस केस दर्ज
Sun, 18 Jun 2023 07:18 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 18 Jun 2023 07:18 PM IST
सार
बता दें कि शासन ने विजिलेंस को जुगेंद्र सिंह यादव की संपत्तियों की खुली जांच करने का आदेश 23 फरवरी 2021 को दिया था। दो वर्ष तक चली जांच के बाद 16 मार्च 2023 को विजिलेंस ने शासन को आरोप सही पाए जाने की रिपोर्ट सौंप दी।
विज्ञापन
पुलिस की गाड़ी में चढ़ते पूर्व सपा विधायक रामेश्वर सिंह यादव (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व सपा विधायक रामेश्वर सिंह यादव के बाद उनके भाई एवं एटा के जिला पंचायत अध्यक्ष रहे जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ भी विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। शासन के निर्देश पर मुकदमा दर्ज करने के बाद विजिलेंस ने विवेचना शुरू कर दी है। रामेश्वर सिंह यादव की तरह जुगेंद्र भी फिलहाल जेल में है।
विज्ञापन
बता दें कि शासन ने विजिलेंस को जुगेंद्र सिंह यादव की संपत्तियों की खुली जांच करने का आदेश 23 फरवरी 2021 को दिया था। दो वर्ष तक चली जांच के बाद 16 मार्च 2023 को विजिलेंस ने शासन को आरोप सही पाए जाने की रिपोर्ट सौंप दी।
विज्ञापन
रिपोर्ट के मुताबिक जुगेंद्र सिंह यादव ने लोकसेवक के रूप में कार्य करते हुए अपनी आय के समस्त ज्ञात स्रोतों से कुल 49,53,447 रुपये अर्जित किए थे, जबकि इस अवधि में उन्होंने चल-अचल संपत्तियों को खरीदने और भरण-पोषण में 5,00,51,135 रुपये व्यय किए। इस तरह उन्होंने अपनी कुल आय से दस गुना अधिक व्यय किया।
विज्ञापन
जब इस संबंध में जुगेंद्र सिंह यादव से स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इस पर विजिलेंस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू करने की शासन से अनुमति मांगी। शासन ने 15 अप्रैल को विजिलेंस को मुकदमा दर्ज करने की अनुमति दे दी।
40 करोड़ से अधिक की संपत्तियां चिह्नित होने के बाद ठप हो गई जांच
पूर्व सपा विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई जुगेंद्र सिंह यादव के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय की जांच अचानक ठंडे बस्ते में चली गई थी। तीन वर्ष पहले दर्ज हुए केस के बाद दोनों की 40 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को चिन्हित किया गया था। इन संपत्तियों की वास्तविक कीमत 130 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी। हालांकि इनको जब्त करने की कवायद ईडी के अधिकारियों ने नहीं की।
बताते चलें कि ईडी की जांच में सामने आया था कि दोनों भाइयों ने आपराधिक गतिविधियों, अवैध कब्जे आदि के जरिए करोड़ों रुपये की काली कमाई जुटाई थी। ईडी के अधिकारियों ने दो वर्ष पूर्व उनसे पूछताछ कर बयान भी दर्ज किया था। अब रामेश्वर और उनके भाई जुगेंद्र के खिलाफ विजिलेंस का मुकदमा दर्ज होने के बाद ईडी फिर से सक्रिय हुआ है। सूत्रों की मानें तो ईडी इस प्रकरण में जल्द ठोस कार्रवाई करने की तैयारी में है। साथ ही, विजिलेंस के मुकदमे के आधार पर दोनों भाइयों के खिलाफ ईडी भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज करेगा।