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Lucknow News : निकायों में फिजूलखर्ची पर लगेगी लगाम, शासन ने तलब किया खर्च और आमदनी का ब्योरा
Mon, 22 Aug 2022 09:30 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 22 Aug 2022 09:30 PM IST
सार
नगर विकास विभाग ने कई बिंदु तैयार किए हैं। इन बिंदुओं के आधार पर आमदनी और कामकाज का विवरण तैयार किया जाएगा। इसकी सालाना एक पुस्तिका भी प्रकाशित होगी।
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विस्तार
नगर निकायों में आकस्मिक कार्य दिखाकर सरकारी धन खर्च करने के खेल पर लगाम लगाई जाएगी। फिजूलखर्ची की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने निकायों के वर्षवार क्रियाकलापों का ब्योरा तलब किया है। इसके लिए नगर विकास विभाग ने कई बिंदु तैयार किए हैं। इन बिंदुओं के आधार पर आमदनी और कामकाज का विवरण तैयार किया जाएगा। इसकी सालाना एक पुस्तिका भी प्रकाशित होगी।
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हालांकि नगर विकास विभाग ने सभी निकायों को भेजे गए दिशा-निर्देश में वार्षिक पुस्तिका प्रकाशित करने के नाम पर ब्योरा भेजने को कहा है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसी ब्योरे के आधार पर निकायों के खर्च और आमदनी का अध्ययन किया जाएगा और खर्च का सत्यापन कराया जाएगा। सरकारी धन से कराए गए कामों की वास्तविकता भी जांची जाएगी। फिलहाल निकायों को वित्तीय वर्ष 2021-22 में कराए गए सभी कार्यों, राजस्व वसूली व खर्च का विस्तृत ब्योरा भेजने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक 752 में से सिर्फ 47 नगर निकायों ने ही ब्योरा भेजा है।
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इन बिंदुओं पर मांगी गई जानकारी
शासन ने निकायों का क्षेत्रफल, जनसंख्या और 31 मार्च-2022 तक कार्यरत कर्मचरियों की संख्या व उनके वेतन पर खर्च होने वाली राशि का ब्योरा मांगा है। ब्योरे में गृह, विज्ञापन, जल, प्रेक्षागृह, पशु व वाहन कर समेत अन्य करों व राजस्व वसूली का भी उल्लेख करने को कहा गया है। अचल संपत्तियों के हस्तांतरण से होने वाली आय, करेतर व शासकीय मद से होने वाली आय और विकास, नागरिक सुविधाओं, अधिष्ठान, नवनिर्माण, मरम्मत कार्य, प्रथ प्रकाश, सड़क निर्माण, भवन, नाला, नाली, सफाई व्यवस्था, पेयजलापूर्ति, सीवर आदि मदों में हुए खर्च का ब्योरा भी देने को कहा गया है।
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