{"_id":"65a2d1ee91c6f19b1c0f1785","slug":"lucknow-news-progress-of-construction-of-bridges-in-pm-s-parliamentary-constituency-slow-response-sought-fro-2024-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News : पीएम के संसदीय क्षेत्र में पुलों के निर्माण की प्रगति धीमी, प्रभारी जीएम से जवाब-तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News : पीएम के संसदीय क्षेत्र में पुलों के निर्माण की प्रगति धीमी, प्रभारी जीएम से जवाब-तलब
Sat, 13 Jan 2024 11:40 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 13 Jan 2024 11:40 PM IST
सार
सेतु निगम मुख्यालय के अनुसार, वाराणसी अंचल की चंदौली इकाई के तहत डीएफसीसीआईएल रूट पर रेलवे उपरगामी सेतुओं (आरओबी) का निर्माण कराया जा रहा है, जिनकी प्रगति अत्यंत धीमी है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : एएनआई
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र समेत पूरे वाराणसी अंचल में सेतु निगम के कामों की प्रगति धीमी है। इस पर प्रदेश सरकार ने नाराजगी जताई है। वाराणसी अंचल के प्रभारी जीएम दीपक गोविल को कार्यों में तेजी लाने के साथ ही इस देरी पर स्पष्टीकरण देने के लिए भी कहा गया है।
विज्ञापन
सेतु निगम मुख्यालय के अनुसार, वाराणसी अंचल की चंदौली इकाई के तहत डीएफसीसीआईएल रूट पर रेलवे उपरगामी सेतुओं (आरओबी) का निर्माण कराया जा रहा है, जिनकी प्रगति अत्यंत धीमी है। वाराणसी अंचल में चार परियोजनाओं का निर्माण अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इस पर पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद ने भी नाराजगी जताई है। यहां बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्यों में किसी तरह की कोताही न बरतने के स्पष्ट निर्देश सभी विभागों को दिए हैं।
विज्ञापन
चालू वित्त वर्ष की कार्ययोजना में वाराणसी में तीन बड़े काम शामिल किए गए। इनमें वाराणसी में रिंग रोड से कस्तूरबा गांधी विद्यालय होते हुए सारनाथ रेलवे स्टेशन रोड तक चार लेन फ्लाईओवर, अखरी बाईपास-लहरतारा मार्ग पर मंडुआडीह चौराहे पर दो लेन फ्लाईओवर और वाराणसी में भिखारीपुर तिराहे पर दे लेन फ्लाईओवर का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के एस्टीमेट बनने में काफी देरी हुई है, जबकि व्यय वित्त समिति (ईएफसी) से हरी झंडी मिल चुकी है।
विज्ञापन
निगम मुख्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि पीएम के संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों की प्रस्तावित परियोजनाओं के एस्टीमेट तैयार करने में देरी कार्यों के प्रति उदासीनता दिखाता है। वाराणसी के पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता का भी कहना है कि सेतु निगम के वाराणसी अंचल कार्यालय ने उनसे कोई समन्वय स्थापित नहीं किया है। जबकि वाराणसी के कार्यों की समीक्षा सीधे पीएमओ से की जाती है।
चंदौली और वाराणसी में सेतुओं पर बजट के अनुसार व्यय न होने पर भी शासन ने नाराजगी जताई है। जौनपुर में भी दो पुलों के निर्माण की दिशा में फाइल अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है।
कामों की प्रगति धीमी नहीं-जीएम
वाराणसी अंचल के प्रभारी जीएम दीपक गोविल का कहना है कि कामों की प्रगति धीमी नहीं है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने में जितना समय लगता है, उतना ही इन परियोजनाओं में लगा है। उनकी पदोन्नति रोकने के लिए एक साजिश के तहत इस तरह का पत्र व्यवहार किया जा रहा है। पत्र का जवाब भी उन्होंने मुख्यालय को भेज दिया है।