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Lucknow News: एनसीएलएटी में अंसल मामले की सुनवाई फिर टली
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एनसीएलएटी में अंसल मामले की सुनवाई फिर टली
अब 31 जुलाई को लगा केस
तीन बार से लगातार नहीं आ पा रहा नंबर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की ओर से फरवरी में अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) बुधवार को फिर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट में और दूसरे केसों पर सुनवाई होती रही और अंसल मामले का नंबर ही नहीं आया। जिससे केस को लेकर बहस नहीं हो सकी। अब 31 जुलाई को फिर केस लगा है।
आवंटी व निवेशक गगन टंडन ने बताया कि बीती एक जुलाई को केस लगा था मगर उस दिन दूसरे केसों के चलते नंबर नहीं आया था। जिसके बाद 16 जुलाई की तारीख कोर्ट ने प्राथमिकता के आधार पर लंच से पहले लगाने को कहा था। ऐसा हुआ भी मगर जो केस आगे लगे थे उन पर ही कई घंटे बहस चली। जिससे अंसल मामले का नंबर ही नहीं आ पाया। जिसके बाद कोर्ट ने कोर्ट ने फिर 23 जुलाई की तारीख तय की थी लेकिन जो केस पहले लगे थे उन्हीं की सुनवाई में पूरा समय चला गया। ऐसे में फिर सुनवाई नहीं हो सकी। गगन का कहना है कि यह कोर्ट की कार्यवाही है इस पर कुछ नहीं कह सकते। जो केस पहले लगे होंगे उनकी सुनवाई पूरी होने के बाद ही नंबर आएगा। ऐसे में इंतजार करना पड़ेगा। उम्मीद है कि जब केस की सुनवाई होगी तो फैसला अंसल के आवंटियों के पक्ष में ही आएगा। जब तक फैसला नहीं आएगा तब तक स्थगन आदेश प्रभावी रहेगा। जिसके तहत कोई तीसरा पक्ष अंसल टाउनशिप को टेक ओवर नहीं कर पाएगा। जिससे आवंटियों का हित सुरक्षित रहेगा।
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अब 31 जुलाई को लगा केस
तीन बार से लगातार नहीं आ पा रहा नंबर
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की ओर से फरवरी में अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) बुधवार को फिर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट में और दूसरे केसों पर सुनवाई होती रही और अंसल मामले का नंबर ही नहीं आया। जिससे केस को लेकर बहस नहीं हो सकी। अब 31 जुलाई को फिर केस लगा है।
आवंटी व निवेशक गगन टंडन ने बताया कि बीती एक जुलाई को केस लगा था मगर उस दिन दूसरे केसों के चलते नंबर नहीं आया था। जिसके बाद 16 जुलाई की तारीख कोर्ट ने प्राथमिकता के आधार पर लंच से पहले लगाने को कहा था। ऐसा हुआ भी मगर जो केस आगे लगे थे उन पर ही कई घंटे बहस चली। जिससे अंसल मामले का नंबर ही नहीं आ पाया। जिसके बाद कोर्ट ने कोर्ट ने फिर 23 जुलाई की तारीख तय की थी लेकिन जो केस पहले लगे थे उन्हीं की सुनवाई में पूरा समय चला गया। ऐसे में फिर सुनवाई नहीं हो सकी। गगन का कहना है कि यह कोर्ट की कार्यवाही है इस पर कुछ नहीं कह सकते। जो केस पहले लगे होंगे उनकी सुनवाई पूरी होने के बाद ही नंबर आएगा। ऐसे में इंतजार करना पड़ेगा। उम्मीद है कि जब केस की सुनवाई होगी तो फैसला अंसल के आवंटियों के पक्ष में ही आएगा। जब तक फैसला नहीं आएगा तब तक स्थगन आदेश प्रभावी रहेगा। जिसके तहत कोई तीसरा पक्ष अंसल टाउनशिप को टेक ओवर नहीं कर पाएगा। जिससे आवंटियों का हित सुरक्षित रहेगा।
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