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काम की खबरें : रक्षाबंधन पर महिलाएं रोडवेज बसों में करेंगी दो दिन मुफ्त सफर
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लखनऊ। प्रदेश सरकार ने इस साल भी महिलाओं को रक्षाबंधन पर रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा कराने का निर्णय लिया है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि परिवहन निगम की सभी प्रकार की बसों में 29 अगस्त की रात 12 बजे से 31 अगस्त की रात 12 बजे तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।
वहीं, सिटी बसों में महिलाओं को यह सुविधा 30 की रात दस बजे से 31 अगस्त की रात 10 बजे तक ही मिलेगी।
केजीएमयू में डिजिटल मशीन से बांझपन की सटीक जांच
केजीएमयू में अब पहले के मुकाबले बांझपन की सटीक जांच होने लगी है। इसके लिए रेडियोथेरेपी विभाग में डिजिटल डीआर फ्लोरोस्कोपी मशीन लगाई गई है। इस मशीन से बांझपन की सटीक जांच संभव हो सकती है। अभी तक साधारण मशीन से जांच की सुविधा उपलब्ध थी। रेडियोडायग्नोसिस विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनित परिहार ने बताया कि डिजिटल डीआर फ्लोरोस्कोपी मशीन से महिलाओं में बांझपन की समस्या के साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण जांच होती है। वहीं केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने बताया कि डायग्नोसिस विभाग में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से एमआरआई मशीन स्थापित होने जा रही है। इस समय विभाग में पीपीपी मॉडल पर एक मशीन काम कर रही है। सरकार से बजट मिलने के बाद अब अपनी खुद की मशीन आ जाएगी। इसके बाद मरीजों की कतार कम होगी। अगले साल फरवरी महीने में इसकी जांच शुरू होने की उम्मीद है।
वहीं, सिटी बसों में महिलाओं को यह सुविधा 30 की रात दस बजे से 31 अगस्त की रात 10 बजे तक ही मिलेगी।
केजीएमयू में डिजिटल मशीन से बांझपन की सटीक जांच
केजीएमयू में अब पहले के मुकाबले बांझपन की सटीक जांच होने लगी है। इसके लिए रेडियोथेरेपी विभाग में डिजिटल डीआर फ्लोरोस्कोपी मशीन लगाई गई है। इस मशीन से बांझपन की सटीक जांच संभव हो सकती है। अभी तक साधारण मशीन से जांच की सुविधा उपलब्ध थी। रेडियोडायग्नोसिस विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनित परिहार ने बताया कि डिजिटल डीआर फ्लोरोस्कोपी मशीन से महिलाओं में बांझपन की समस्या के साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण जांच होती है। वहीं केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने बताया कि डायग्नोसिस विभाग में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से एमआरआई मशीन स्थापित होने जा रही है। इस समय विभाग में पीपीपी मॉडल पर एक मशीन काम कर रही है। सरकार से बजट मिलने के बाद अब अपनी खुद की मशीन आ जाएगी। इसके बाद मरीजों की कतार कम होगी। अगले साल फरवरी महीने में इसकी जांच शुरू होने की उम्मीद है।
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