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Lucknow News : लोहिया संस्थान के रेफरल सेंटर पर बच्चा बदलने का आरोप, 1200 रुपये लेने के बाद दिया बच्चा
Mon, 12 Dec 2022 08:59 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 12 Dec 2022 08:59 PM IST
सार
शिकायत के बाद लोहिया संस्थान प्रशासन ने बच्चा बदलने की घटना से इंकार किया है। वहीं पैसे लेने के आरोप में नोटिस जारी करके मामले के जांच के आदेश दे दिए हैं।
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विस्तार
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के चंद्रभानु गुप्त मातृ एवं शिशु रेफरल सेंटर में प्रसव के बाद बच्चा बदलने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार उनके फॉर्म पर पहले लड़का प्राप्त हुआ, लिखा गया और बाद में उसे काटकर लड़की कर दिया गया। इसके साथ ही उसने 1200 रुपए लेने के बाद ही बच्चा देने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद लोहिया संस्थान प्रशासन ने बच्चा बदलने की घटना से इंकार किया है। वहीं पैसे लेने के आरोप में नोटिस जारी करके मामले के जांच के आदेश दे दिए हैं।
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बाराबंकी निवासी कमल कुमार रावत ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. स्मृति अग्रवाल को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि नौ दिसंबर को उसकी पत्नी रेशम रावत की डिलीवरी उनके अस्पताल में हुई थी। डिलीवरी के बाद उनको जो कागज मिला उस पर पहले लड़का लिखा हुआ था और बाद में उसे काटकर दूसरी जगह लड़की प्राप्त हुई लिखा गया। इतना ही नहीं बच्चा सुपुर्द करने से पहले स्टाफ ने उनसे 1200 रुपए ले लिए। विभागाध्यक्ष के अनुसार बच्चा बदलने की बात सही नहीं है।
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अस्पताल में एक ही ओटी है। उसमें सभी ने महिला को लड़की होने की पुष्टि की है। गलती से किसी दूसरे बच्चे की डिटेल फॉर्म पर भर दी गई थी, जिसे उसी समय काटकर सही कर दिया गया। इसकी वजह से महिला के परिवारीजनों को गलतफहमी हो गई है। उनके अनुसार स्टाफ को सख्त हिदायत है कि वे सीसीटीवी के सामने ही बच्चे को घरवालों के सुपुर्द करें। इस मामले में ऐसा नहीं हुआ है। इसलिए मामले की जांच की जा रही है। जांच में आरोप साबित होने पर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बच्चे बदलने के आरोप पर सभी से बात की गई, यह आरोप सही नहीं है। फॉर्म पर ओवरराइटिंग होने से परिवारीजनों को कुछ गलतफहमी हो गई है। जहां तक पैसे मांगने का आरोप है तो इस मामले में जांच के लिए आदेश दे दिए गए हैं। आरोपित स्टाफ को भी अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
प्रो. स्मृति अग्रवाल, विभागाध्यक्ष स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, लोहिया संस्थान