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Lucknow News : आयुष कालेजों में दाखिले की नए सिरे से तैयारी शुरू, सरकारी एजेंसी से कराई जाएगी काउंसिलिंग
Mon, 14 Nov 2022 07:51 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 14 Nov 2022 07:51 PM IST
सार
प्रदेश के आयुष कॉलेजों में नए सत्र में दाखिले की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार की काउंसिलिंग सरकारी एजेंसी से कराने की तैयारी है। इस संबंध में पत्रावलियां तैयार की जा रही है। शासन ने निदेशालय से एजेंसी चयन के मानक के बारे में जानकारी मांगी गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आयुष कॉलेजों की मान्यता बचाने के लिए संविदा के आधार पर संकाय सदस्यों (अध्यापकों) की भर्ती की जाएगी। आयुष विभाग की कोशिश है कि जिन कॉलेजों को केंद्रीय टीम ने मान्यता देने से इनकार कर दिया हैं, उनके लिए हलफनामा दाखिल कर मान्यता बहाल कराई जाए। इससे स्नातक और परास्नातक की सीटें बच जाएंगी।
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प्रदेश में आयुर्वेद केसरकारी क्षेत्र के12 कॉलेज में 502 स्नातक की सीटें हैं। जबकि तीन कॉलेजों में परास्नातक की 95 सीटें हैं। इन कॉलेजों में संकाय सदस्यों की संख्या स्वीकृत पद केसापेक्ष करीब 40 फीसदी कम है। ऐसे में दो कॉलेजों की स्नातक की और तीनों कॉलेजों में परास्नातक की 48 सीटें कम हो गई हैं। यही स्थिति लखनऊ और प्रयागराज केराजकीय यूनानी कॉलेज की भी है। इन दोनों कॉलेजों में बीयूएमएस की 128 सीटें हैं। लखनऊ स्थित कॉलेज को दाखिले के लिए मान्यता देने से इनकार कर दिया गया है। होम्योपैथिक के नौ राजकीय कॉलेजों में बीएचएमएस के 828 सीटें हैं।
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होम्योपैथिक के तीन कॉलेजों की मान्यता पर तलवार लटक रही है। ऐसे में आयुष के तीनों विधा केकॉलेजों में नए सत्र को शुरू करने के लिए संविदा केआधार पर संकाय सदस्यों को भरने की तैयारी है। इसके लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। संविदा भर्ती करके आयुष मंत्रालय में हलफनामा देंगे। संविदा भर्ती में यह शर्त रखी जाएगी कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में भेजे गए अधियाचन के तहत लेक्चरर और असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती होने के बाद इन्हें हटा दिया जाएगा। इस हलफनामे के दाखिल करने के बाद नेशनल कमीशन फार इंडियन सिस्टम आफ मेडिसिन (एनसीआइएमएस) में मान्यता के लिए अपील दायर की जाएगी।
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आयुष निदेशक ने विभिन्न पदों के लिए भेजा पैनल, पहले से मौजूद पदों को छोड़ने की तैयारी
आयुर्वेद निदेशक प्रो पीसी सक्सेना ने अपने पास मौजूद विभिन्न पदों का कार्यभार दूसरे को देने की तैयारी कर ली है। उन्होंने शासन को अलग- अलग पद केलिए वरिष्ठता के आधार पर पैनल भेजा है। निदेशक प्रो. एसएन सिंह के निलंबित किए जाने के बाद इस पद की जिम्मेदारी प्रो पीसी सक्सेना को दी गई है। उनके पास निदेशक (पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन), राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रधानाचार्य व डीन और बोर्ड ऑफ आयुर्वेदिक, यूनानी तिब्बी सिस्टम ऑफ मेडिसिन के चेयरमैन का कार्यभार भी है। ऐसे में उन्होंने निदेशक के अतिरिक्त अन्य सभी पदों को छोड़ेंगे। कॉलेज के प्रधानाचार्य के लिए वहां की वरिष्ठ प्रोफेसरों के नाम का प्रस्ताव भेजा है। इसी तरह अन्य पदों के लिए भी वरिष्ठता के आधार पर पैनल भेजा गया है। अब निदेशक पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन की जिम्मेदारी राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज बरेली केप्रधानाचार्य को मिलने की संभावना है।
आयुष कालेजों में दाखिले की नए सिरे से तैयारी शुरू, सरकारी एजेंसी से कराई जाएगी काउंसिलिंग
प्रदेश के आयुष कॉलेजों में नए सत्र में दाखिले की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार की काउंसिलिंग सरकारी एजेंसी से कराने की तैयारी है। इस संबंध में पत्रावलियां तैयार की जा रही है। शासन ने निदेशालय से एजेंसी चयन के मानक के बारे में जानकारी मांगी गई है।
प्रदेश के एमबीबीएस व बीडीएस कालेजों में नेशनल इनफार्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के जरिए काउंसिलिंग होती है, जबकि आयुष कॉलेजों में अलग से एजेंसी ली जाती है। इसी के तहत आयुष कॉलेजों में पिछले तीन साल से बी3 साल्यूशन एजेंसी काउंसिलिंग का काम देख रही है। नीट 2021 के दाखिले में हेराफेरी का माना सामने आने के बाद काउंसिलिंग की पूरी प्रक्रिया रोक दी गई है। नए निदेशक के कार्यभार ग्रहण करने के बाद शासन ने काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
इसके लिए आयुष मंत्रालय की ओर से एजेंसी चयन के तय किए गए मानकों की जानकारी मांगी गई है। इसके बाद शासन की ओर से सरकारी एजेंसी चुनी जाएगी। एजेंसी की निगरानी के लिए अलग से कमेटी भी बनेगी। आयुर्वेद निदेशक प्रो पीसी सक्सेना ने बताया कि काउंसिलिंग प्रक्त्रिस्या शुरू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा रह है। अब शासन यह निर्णय लेगा कि प्रवेश काउंसिलिंग का जिम्मा किसे दिया जाए।