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Lucknow News : मुख्यमंत्री योगी ने कहा, इंसेफेलाइटिस के हाई रिस्क वाले 18 जिलों की होगी मॉनीटरिंग
Fri, 24 Jun 2022 07:35 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 24 Jun 2022 07:35 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित जिलों में ब्लॉक स्तर पर इंसेफेलाइटिस केयर सेंटर, पीकू बेड्स, चिकित्साकर्मी हों। पीडियाट्रिक आईसीयू के सफल संचालन के लिए जिलों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्टाफ नर्सेज व एईएस और जेई प्रयोगशालाओं में टेक्नीशियन की संख्या पर्याप्त हो।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रदेश के बस्ती-गोरखपुर मंडल के 38 जिलों में जापानी इंसेफेलाइटिस का प्रभाव रहा है। इनमें से 18 जिले हाई रिस्क वाले हैं, जहां प्रदेश सरकार ने सतत मॉनीटरिंग के आदेश दिए हैं। यही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को सरकारी प्रयास के साथ-साथ जनसहभागिता को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे बीते पांच वर्ष में जेई से असमय मृत्यु पर 95 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है, इसके बावजूद निरंतर सतर्क व सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संबंधित जिलों में ब्लॉक स्तर पर इंसेफेलाइटिस केयर सेंटर, पीकू बेड्स, चिकित्साकर्मी हों। पीडियाट्रिक आईसीयू के सफल संचालन के लिए जिलों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, स्टाफ नर्सेज व एईएस और जेई प्रयोगशालाओं में टेक्नीशियन की संख्या पर्याप्त हो। उन्होंने उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश ने जापानी इंसेफेलाइटिस के कारण रोगियों की संख्या को कम करने के लिए इस बीमारी के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ी है। साल 2017 में प्रदेश सरकार ने अंतर्विभागीय समिति का गठन कर सभी विभागों ने साथ मिलकर काम किया। इन प्रयासों का सफल परिणाम है कि पिछले चार दशकों से कहर बनी इस बीमारी पर प्रदेश सरकार ने पांच सालों में काबू पा लिया है। अब प्रदेश सरकार इसके उन्मूलन पर तेजी से काम कर रही है।
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