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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow News: By-elections in Swar and Chanbe on May 10, nominations to be filed by April 20

Lucknow News : स्वार और छानबे में उप चुनाव 10 मई को, 20 अप्रैल तक दाखिल किए जाएंगे नामांकन

Wed, 29 Mar 2023 07:25 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 29 Mar 2023 07:25 PM IST
सार

रामपुर जिले की स्वार से पूर्व सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को न्यायालय से दो वर्ष के कारावास की सजा होने के कारण स्वार सीट रिक्त हुई है। वहीं छानबे सीट से पूर्व विधायक स्वर्गीय राहुल प्रकाश कौल के निधन के बाद से सीट खाली है।

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Lucknow News: By-elections in Swar and Chanbe on May 10, nominations to be filed by April 20
यूपी में उप चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रामपुर जिले की स्वार और मिर्जापुर जिले की छानबे (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर उप चुनाव 10 मई को होगा। नामांकन 13 से 20 अप्रैल तक दाखिल किए जाएंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को उप चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया।

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स्वार से पूर्व सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को न्यायालय से दो वर्ष के कारावास की सजा होने के कारण स्वार सीट रिक्त हुई है। वहीं छानबे सीट से पूर्व विधायक स्वर्गीय राहुल प्रकाश कौल के निधन के बाद से सीट खाली है।
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13 अप्रैल को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन दाखिल करने का समय शुरू हो जाएगा। 20 अप्रैल को दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 21 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 24 अप्रैल तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। 10 मई को मतदान होगा। 13 मई को मतगणना होगी।
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आजम का अंतिम गढ़ ढहाने के लिए स्वार उप चुनाव में पूरी ताकत लगाएगी भाजपा
भाजपा स्वार विधानसभा सीट पर उपचुनाव में सपा नेता मोहम्मद आजम खान का अंतिम गढ़ ढहाकर रामपुर में भगवा फहराने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। वहीं मिर्जापुर की छानबे सीट पर भी गठबंधन का कब्जा बरकरार रखने के लिए पूरा दमखम झोंकेगी।

स्वार से पूर्व सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को न्यायालय से दो वर्ष के कारावास की सजा होने के कारण स्वार सीट रिक्त हुई है। वहीं छानबे सीट से पूर्व विधायक स्वर्गीय राहुल प्रकाश कौल के निधन के बाद से सीट खाली है। दोनों सीटों पर 10 मई को उप चुनाव की घोषणा हुई है। रामपुर जिले की रामपुर और स्वार विधानसभा सीट को सपा नेता मोहम्मद आजम खान का गढ़ माना जाता है। 2017 और 2022 में भाजपा की एकतरफा लहर में भी आजम खान के बूते सपा ने दोनों सीटें जीती थी। हालांकि गत वर्ष रामपुर में हुए उपचुनाव में पहली बार भाजपा ने आजम के करीबी को हराकर रामपुर सीट पर कब्जा जमाया है। अब भाजपा का लक्ष्य स्वार सीट पर भगवा फहराकर रामपुर में रामराज का नारा देना है। आजम खां के इस्तीफे से रिक्त हुई रामपुर लोकसभा सीट पर भाजपा उपचुनाव में कब्जा जमा चुकी है।

हालांकि विधानसभा चुनाव 2022 में स्वार और छानबे सीट भाजपा के गठबंधन में सहयोगी अपना दल (एस) के पास है। 2022 में हुए भाजपा और अपना दल के बीच हुए समझौते के तहत तो दोनों सीटों पर पहला हक अपना दल की ही बनाता है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि भाजपा समाजवादी पार्टी से खतौली की हार का बदला लेने के लिए अपना दल से स्वार सीट लेने के लिए बात करेगी। अपना दल को समझाने का प्रयास किया जाएगा कि मौजूदा परिस्थिति में स्वार पर भाजपा उम्मीदवार ही जीत सकता है। रामपुर विधानसभा क्षेत्र की तर्ज पर स्वार में भी उप चुनाव जीतने के लिए योगी सरकार और भाजपा पूरी ताकत लगाएंगे, ताकि रामपुर जिले में चार दशक से पुराना आजम खान का राजनीतिक गढ़ ढहाया जा सके। वहीं छानबे सीट पर अपना दल (एस) के उम्मीदवार को चुनाव लड़ाया जा सकता है। 2017 और 2022 में अपना दल के राहुल प्रकाश कौल ही इस सीट से चुनाव जीते थे।

उप चुनाव का निकाय चुनाव पर भी पड़ेगा असर
प्रदेश में निकाय चुनाव भी स्वार और छानबे विधानसभा उप चुनाव के आसपास ही होंगे। जानकारों का मानना है कि यदि उप चुनाव की मतगणना के बाद निकाय चुनाव के लिए मतदान हुआ तो उपचुनाव चुनाव के नतीजे आसपास के जिलों में कुछ सीटों पर निकाय चुनाव को भी प्रभावित करेंगे।

भाजपा गठबंधन दोनों सीटें जीतेगा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का कहना है कि स्वार और छानबे दोनों सीटें अपना दल के पास हैं। उप चुनाव में किस तरह चुनाव लड़ना है, इसको लेकर अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल से बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों सीटों पर चुनाव कोई भी लड़े, लेकिन जीतेगा भाजपा गठबंधन का प्रत्याशी ही। यदि अपना दल ने भी दोनों सीटों पर चुनाव लड़ा तो भी भाजपा पूरी ताकत लगाएगी।


जनसंघ और भाजपा ने भी जीता है स्वार में चुनाव
स्वार विधानसभा क्षेत्र सपा की परंपरागत सीट नहीं रही है। इस सीट पर जनसंघ, कांग्रेस, स्वतंत्र पार्टी और भाजपा ने भी चुनाव जीता है। 1952, 1957, 1962 में कांग्रेस के मोहम्मद अली खान, 1974 में सैयद मुर्तजा अली खान, 1977 में मकबूल अहमद और 2002, 2007 और 2012 में स्वार सीट कांग्रेस के नवाब काजिम अली खान यहां से विधायक रहे हैं। 1967 में स्वतंत्र पार्टी के एम. हुसैन और 1969 में जनसंघ के राजेंद्र कुमार शर्मा विधायक रहे हैं। लेकिन 1980 में भाजपा के बलबीर सिंह यहां से विधायक निर्वाचित हुए। 1989, 1991, 1993 और 1996 में भाजपा के शिव बहादुर सक्सेना भी यहां से चुनाव जीते हैं। 2017 में सपा नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम चुनाव जीते थे। 2022 में स्वार सीट से अब्दुल्ला आजम फिर चुनाव लड़े और जीते। भाजपा ने यह सीट गठबंधन में सहयोगी अपना दल एस को दी थी। अपना दल ने हैदर अली खान को प्रत्याशी बनाया था। अब्दुल्ला आजम 126162 मत प्राप्त कर करीब 61,103 मतों से चुनाव जीते थे।

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