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Lucknow News : कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, गर्भवती महिलाओं की जांच में कोताही बर्दाश्त नहीं
Tue, 23 Aug 2022 07:36 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 23 Aug 2022 07:36 PM IST
सार
उप मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच सुविधा को मुकम्मल किया जाएगा। पहली बार अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं की एंटी नेटल चेकअप (एएनसी) जरूर कराया जाए।
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उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गर्भवती महिलाओं की जांच व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां से शिकायत आएगी, जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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उप मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच सुविधा को मुकम्मल किया जाएगा। पहली बार अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं की एंटी नेटल चेकअप (एएनसी) जरूर कराया जाए। महिलाओं को यह भी समझाया जाए कि दोबारा अस्पताल आएं तो रिपोर्ट साथ लाएं। क्योंकि कई बार डॉक्टर की सलाह लेने के बाद महिलाएं सीधे घर चली जाती हैं। जांच नहीं कराती हैं। इसलिए महिलाओँ को डॉक्टर व कर्मचारी जांच के लिए प्रेरित करें।
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उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला महिला अस्पताल, शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव की सुविधा है। गर्भवती महिलाओं का मुफ्त इलाज होता है। ऐसे में गर्भावस्था में पहली बार अस्पताल आने वाली महिलाएं की खून व रेडियोलॉजी संबंधी जांचें जरूर कराई जाएं, जिससे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाइपरटेंशन आदि की पहचान की जा सके।
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बीमार शिशु को मिले बेहतर इलाज
प्रदेश 92 अस्पतालों में एसएनसीयू हैं। वहीं 12 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 344 बेड एनआईसीयू की सुविधा हैं। इन अस्पतालों में बाल रोग विशेषज्ञों की अनिवार्य रूप से व्यवस्था रखी जाए।