फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow News Air Pollution Alert 21 Lakh Deaths Every Year Due to Poisonous Air News in Hindi

चिंताजनक: जहरीली हवा से देश में सालाना 21 लाख मौतें, शहर हो या गांव...हर जगह एक जैसा हाल; लोगों की घट रही उम्र

Thu, 28 Nov 2024 09:34 AM IST
शाहरुख खान विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ
विनीत चतुर्वेदी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 28 Nov 2024 09:34 AM IST
सार

भारत में जहरीली हवा से सालाना 21 लाख मौतें हो रही हैं। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर, तंबाकू समेत मौत के पांच बड़े कारणों में वायु प्रदूषण दूसरे नंबर पर है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कल्पना बालाकृष्णन ने हालात पर चिंता जताई है।

विज्ञापन
Lucknow News Air Pollution Alert 21 Lakh Deaths Every Year Due to Poisonous Air News in Hindi
Pollution - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत वायु प्रदूषण की आपदा के मुहाने पर खड़ा है। यहां हर साल हाई ब्लड प्रेशर (हृदय रोग) के बाद सबसे ज्यादा मौतें वायु प्रदूषण की वजह से होती हैं। डायबिटीज, कैंसर से होने वाली मौतें भी इससे कम हैं। जहरीली हवा से भारत में हर साल 21 लाख लोग मौत के मुंह में समा रहे हैं। यही नहीं, लोगों की उम्र भी घट रही। उनकी कार्यक्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विज्ञापन


चेन्नई में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ काम कर रहीं देश की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कल्पना बालाकृष्णन आईआईटीआर में आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बुधवार को लखनऊ में थीं। 
विज्ञापन


वायु प्रदूषण पर किए गए उनके शोध व रिपोर्ट न्यू इंग्लैंड जर्नल, लैंसेट समेत दुनिया की कई प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। अमर उजाला से खास बातचीत में भारत के संदर्भ में साइलेंट आपदा कहे जाने वाले वायु प्रदूषण को लेकर उन्होंने अपनी चिंता साझा की।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. कल्पना का कहना है कि विभिन्न वैज्ञानिक शोध, आईक्यू-एयर और स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियों से सालाना 21 लाख लोग मौत के शिकार हो रहे हैं। 

प्रदूषित हवा के असर से लोगों की उम्र दो से तीन प्रतिशत तक घटने लगी है। दुनिया के 10 सबसे ज्यादा वायु प्रदूषित देशों में भारत तीसरे पायदान पर है। बच्चों व बुजुर्गों पर इसका सर्वाधिक बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

 

शहर हो या गांव...हर जगह एक जैसा हाल
डॉ. कल्पना ने कहा कि बढ़ते उद्योगों, भट्ठियों, वाहनों आदि के धुएं व धूल से शहरों का दम फूल रहा है। पर, यह भ्रम है कि ग्रामीण इलाकों की हवा स्वच्छ है। बड़ी संख्या में आर्थिक तौर पर कमजोर ग्रामीण लकड़ी आदि जलाकर खाना पकाते हैं। वायु प्रदूषण ने वहां भी पांव पसार लिया है। ये अलग बात है कि इसे मापने की अभी तक हमारे पास समुचित व्यवस्था नहीं है।
 

वायु प्रदूषण का ग्लोबल वार्मिंग का सीधा रिश्ता
वायु प्रदूषण का मौसम व जलवायु परिवर्तन पर सीधा असर पड़ रहा है। वायु प्रदूषण बढ़ने से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ी है, मौसम में भी बड़े बदलाव आ रहे हैं। साल-दर-साल बढ़ती गर्मी, भारी बारिश और भीषण ठंड इसके परिणाम हैं।

 

उज्ज्वला योजना से आगे सोचना होगा
डॉ. कल्पना का कहना है कि उज्ज्वला योजना सरकार की एक शानदार योजना साबित हुई है लेकिन ग्रामीण इलाकों में प्रदूषण को कम करने की दिशा में अभी ये नाकाफी है। सरकार और नीति निर्माताओं को अब इसके आगे सोचना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed