लखनऊ: बैंककर्मी पत्नी को मारने के लिए एक नहीं दो पिस्तौल लाया था मानस, मदद करने आए आदमी पर ताना असलहा
Divya Mishra murder case: लखनऊ में गुरुवार की दोपहर दिन दहाड़े हुए हत्याकांड की परतें अब धीरे-धीरे करके खुल रही हैं। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।
विस्तार
गोमतीनगर के मिठाई वाले चौराहे के पास आईसीआईसीआई बैंक के बाहर पत्नी दिव्या की गोली मारकर हत्या करने वाला मानस पूरी योजना के साथ आया था। वह बैग में दो असलहे रखकर आया था। इनमें से एक असलहे से फायर मिस हुआ तो उसने दूसरे से गोली मार दी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मानस दोपहर करीब 12 बजे ऑटो से बैंक पहुंचा। फिर उतरकर बैंक के बाहर पत्नी का इंतजार करने लगा। जैसे ही दिव्या सहयोगी के साथ कार से पहुंचीं और उतरकर बैंक की ओर जाने लगीं, मानस ने उन्हें दबोच लिया। बाल पकड़कर कार के बोनट पर उनका सिर दे मारा। दिव्या ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें सफल नहीं रहीं।
सहयोगी मदद के लिए पहुंचे तो ताना असलहा
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट ने बताया कि छानबीन में पता चला कि दिव्या का सहयोगी उनकी मदद के लिए बढ़ा तो मानस ने गोली मारने की धमकी देते हुए उस पर असलहा तान दिया। इस पर युवक बैंक की ओर भागा। इस बीच बैंक से दूसरा सहयोगी दिव्या की मदद के लिए दौड़ा, लेकिन मानस ने असलहा दिखाकर उसे भी धमका दिया। इसके बाद मानस ने सर्विस रोड पर बनी पुलिया पर दिव्या का सिर दे मारा। फिर असलहे से फायर किया लेकिन गोली नहीं चली। इस पर उसने वह असलहा बैग में डाला और दूसरा निकालकर दिव्या के सिर से सटाकर गोली मार दी। इससे अफरातफरी मच गई। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही मानस ऑटो में बैठकर भाग निकला।
मार्च में मानस ने साथ में रहने की दी थी अर्जी
पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के मुताबिक पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। मानस ने अचानक ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाया जा रहा है। दिव्या ने इसी साल जनवरी में तलाक की अर्जी दी थी। उसने स्त्री धन और एक करोड़ रुपये हर्जाने के लिए भी पारिवारिक न्यायालय में अर्जी दी थी।
रिश्तेदारों ने बताया कि मानस तलाक नहीं चाहता था। वह पत्नी के साथ रहना चाहता था। इसी बात पर दोनों में कई बार झगड़ा हुआ था। कुछ माह पहले मानस पत्नी से मिलने बैंक गया था, जहां दोनों में जमकर विवाद हुआ था। बैंककर्मियों ने बीचबचाव कर दोनों को शांत कराया था। मानस ने इसी साल मार्च में पत्नी के साथ रहने की न्यायालय में अर्जी भी दी थी।
बहन की सुरक्षा के लिए बेडरूम में मानस ने लगवाया था कैमरा
मानस ने बहन की सुरक्षा के लिए बेडरूम में सीसीटीवी कैमरा लगा रखा था। पुलिस ने डीवीआर को कब्जे में ले लिया है। पूरी घटना कैमरे में कैद है। ममेरे भाई अंशु मिश्र के मुताबिक वाट्स एप स्टेटस देखने के बाद उन्हें घटना की जानकारी हुई। जानकीपुरम स्थित बैंक में कार्यरत मानस पिछले तीन माह से ऑडिट के सिलसिले में बाहर थे। दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्र यूट्यूबर हैं।
उन्होंने बताया कि मेरी बहन दिव्या पति की साइको हरकतों और उसकी बहन के पागलपन की बीमारी की वजह से अलग रह रही थी। नवंबर 2025 के बाद दिव्या मानस के घर नहीं गई थीं। रोज की तरह वो सुबह नौ बजे दफ्तर पहुंची थी और फिर कुछ चेक कलेक्ट करने के लिए अपने सहयोगी के साथ बाहर चली गई। इस बीच उसका साइको पति दो रिवॉल्वर के साथ ऑटो से रेकी करने लगा। जब दिव्या बैंक पहुंची तो गेट पर उसके पति ने पहले असलहे से गोली चलाई। आरोप है कि मानस ने असलहे की बट से चेहरे व सिर पर कई वार किए। पास के सब लोग जान बचाकर भाग गए। इसके बाद आरोपी ने फिर दूसरा असलहा निकालकर गोली मार दी।
मम्मी का बेटा थी तुम...
प्रज्ञा ने पोस्ट कर लिखा कि दिव्या मेरी बहन तुम अब नहीं हो ये यकीन कर पाना बहुत मुश्किल है। तुम मम्मी का बेटा थीं.. मम्मी का बार-बार फोन आ रहा है। मेरी हिम्मत नहीं है कि मैं उनको कह सकूं की तुम अब नहीं रहीं। दिव्या, काश के तुम इतनी सीधी नहीं होतीं। काश की हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते। दिव्या के पिता सतीश चंद्र मिश्र म्यूजिक टीचर हैं। दिव्या ही परिवार का खर्च चलाती थीं। दिव्या की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा है।
इस तरह से घटा पूरा घटनाक्रम
गोमतीनगर इलाके में बृहस्पतिवार दोपहर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ऑडिट विभाग में कार्यरत मानस बाजपेयी ने आईसीआईसीआई बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर पत्नी दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी हुसड़िया चौराहा स्थित घर पहुंचा और कमरे में मौजूद बहन तूलिका की हत्या की और फिर खुद भी जान दे दी। तीनों घटनाएं 30 मिनट के भीतर हुईं।
पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के मुताबिक पति-पत्नी में विवाद चल रहा था। मानस ने अचानक ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाया जा रहा है। परिजनों से पूछताछ की गई है। हुसड़िया चौराहा निवासी मानस ने दिव्या से वर्ष 2017 में प्रेम विवाह किया था। शुरू में दोनों हुसड़िया स्थित आवास में साथ रहते थे। मानस के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। छोटी बहन तूलिका मानसिक रूप से कमजोर थीं। उनका इलाज चल रहा था। मानस ही उनकी देखरेख करता था।
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि मानस दोपहर को मिठाई वाला चौराहा के पास स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर ऑटो से पहुंचा। दिव्या इसी बैंक में काम करती थी। मानस ने बैंक के अंदर जाने का प्रयास किया तो गार्ड ने उसे रोक दिया। इसके बाद उसने दिव्या को फोन कर बाहर आने के लिए कहा। दिव्या बैंक के बाहर पहुंचीं, जहां दोनों में विवाद हो गया। गुस्से में मानस ने पिस्तौल के बट से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद सिर में गोली मार दी। दिव्या की हत्या के बाद मानस ई रिक्शा से सीधे घर पहुंचा और कमरा भीतर से बंद कर लिया। फिर तूलिका की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
तलाक के लिए मानस ने दी थी अर्जी
मानस और दिव्या का करीब दो साल से विवाद चल रहा था। मानस ने जनवरी में तलाक के लिए अर्जी भी दी थी। परिजनों ने बताया कि दिव्या तलाक नहीं दे रही थी। इसी बात को लेकर दोनों में कई बार झगड़ा भी हुआ था। विवाद के कारण दिव्या मानस से अलग होकर आलमबाग में मायके रह रही थी। कुछ माह पहले मानस पत्नी से मिलने बैंक गया था, जहां दोनों में जमकर विवाद हुआ था। बैंककर्मियों ने बीचबचाव कर दोनों को शांत कराया था।
शव के पास से दो पिस्तौल, एक तमंचा मिला
दिव्या की हत्या के बाद मानस ने व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाया कि आज उसने पत्नी की हत्या कर दी। स्टेटस पढ़ने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। वे मानस के घर पहुंचे तो दरवाजा भीतर से बंद था। कई बार आवाज लगाने के बाद भी मानस ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद परिजन दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुए तो कमरे में बेड पर मानस और तूलिका के शव पड़े थे। मानस के शव के पास दो पिस्तौल और एक तमंचा मिला। परिजनों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। मानस ने हत्या व आत्महत्या में किस असलहे का इस्तेमाल किया था, इसके बारे में पुलिस छानबीन कर रही है।