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कोरोना पॉजिटिव महिला के शव को दफनाने में उड़ाई प्रोटोकॉल की धज्जियां, होगी जांच

Wed, 03 Jun 2020 03:47 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 03 Jun 2020 03:47 PM IST
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lucknow magistrate will investigate the burial of a dead body of corona patient
प्रतीकात्मक तस्वीर

लखनऊ के तकिया आजम बेग इलाके में कोरोना पॉजिटिव महिला की मौत के बाद सुपुर्द-ए-खाक में घोर लापरवाही बरती गई। महिला के परिजनों ने केजीएमयू से प्लास्टिक बैग में पैक शव को खोलकर रीति-रिवाज पूरे करने में कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ा दीं तो प्रोटोकॉल का पालन कराने के लिए स्वास्थ्य, प्रशासन और पुलिस महकमे का कोई भी अधिकारी गंभीर नहीं नजर आया। मामले ने तूल पकड़ा तो जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए। जांच सिटी मजिस्ट्रेट एसपी सिंह को सौंपी गई है।

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मालूम हो कि बीते सप्ताह तकिया आजम बेग इलाके की महिला की केजीएमयू में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोरोना जांच के लिए सैंपल लेने के साथ ही शव प्लास्टिक बैग में पैक करके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था।
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परिजनों ने चंद घंटों के भीतर ही सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। इस दौरान शामिल लोगों और उनके संपर्क में आए अन्य लोगों तक संक्रमण फैलने की आशंका पैदा हो गई। मामला संज्ञान में आया तो जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए। दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इलाके के लोग इस लापरवाही के लिए स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को जिम्मेदार मान रहे हैं।

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क्यों नहीं किया रिपोर्ट का इंतजार

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना संदिग्ध के मामले में वह परिजनों को शव सौंपने के साथ ही एक फार्म भरवाते हैं। यदि मृतक की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो जिम्मेदारी सुपुर्दगी लेने वाले व्यक्ति की होगी।

सुपुर्दगीनामा की एक कॉपी चिकित्सा अधिकारियों व स्थानीय पुलिस चौकी को भी भेजी जाती है। लेकिन महिला के मामले में पुलिस ने भी जिम्मेदारी नहीं निभाई। मालूम हो कि इससे पहले बीते महीने श्रमिक स्पेशल ट्रेन में मिले मजदूर के शव के मामले में भी यही लापरवाही देखने को मिली थी।

ट्रॉमा में दम तोड़ने वालों का शव पैक करके परिजनों को सौंपा जाता है। परिजनों से एक पत्र पर हस्ताक्षर कराया जाता है और उन्हें अंतिम संस्कार के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है। ज्यादा शव अस्पताल में नहीं रखे जा सकते हैं। इसलिए आईसीएमआर के निर्देश के तहत गाइडलाइन तैयार की गई है। इसी गाइडलाइन के तहत परिजनों को शव सौंपा जाता है। -डॉ. सुधीर सिंह, मीडिया प्रभारी, केजीएमयू

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