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एलडीए: 5000 फाइलें गायब, सुनवाई में दी जा रही तारीख पर तारीख, अवैध कब्जों पर नहीं हो पा रहा फैसला
Mon, 19 Dec 2022 10:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Dec 2022 10:00 AM IST
सार
विहित प्राधिकारी कोर्ट में सुनवाई के दौरान इंप्रूवमेंअ ट्रस्ट की फाइलें न मिलने से फैसला अटक गया है। करीब 5000 फाइलें गायब हैं। वहीं, अधिकारी इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
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विस्तार
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की फाइलें गायब होने को लेकर एलडीए गोलमोल जवाब दे रहा है, लेकिन विहित प्राधिकारी कोर्ट में सुनवाई के दौरान इन फाइलों को उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इससे ट्रस्ट की जमीन पर अवैध कब्जों के मामलों में फैसला नहीं आ पा रहा है। सुनवाई में हर माह पहुंच रहे पक्षकारों को यह कहकर अगली तारीख दे दी जाती है कि मामले से जुड़ी फाइल ही एलडीए के रिकॉर्ड रूम से नहीं मिल पाई है।
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ये उदाहरण इसकी बानगी हैं। ऐसे ही कई पक्षकारों के मुकदमों की सुनवाई फाइल न होने के कारण विहित प्राधिकारी कोर्ट में पूरी नहीं हो पा रही है। इससे वे कोर्ट के चक्कर लगा लगाकर परेशान हैं। बता दें कि पिछले दिनों प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की लगभग 5000 फाइलें गायब होने की बात मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब को पत्र लिखकर बताई थी। इसके बाद से एलडीए के अधिकारियों में खलबली मची है। अधिकारी फाइलों की खोजबीन में तो लगे हैं, लेकिन इनके गायब होने की बात स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
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हर महीने पेशी, लौट रहे मायूस
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन पर अवैध निर्माण के मामले में चारबाग के अमरनाथ चौधरी, राम गोपाल मिश्रा, बनवारी लाल, बसंत लाल समेत 16 कारोबारी अगस्त से विहित प्राधिकारी कोर्ट में सुनवाई में हर माह पहुंच रहे हैं। यहां हर बार इन्हें यह कहते हुए तारीख देकर लौटा दिया जाता है कि रिकॉर्ड रूम में संबंधित फाइल ही नहीं है।
फाइल लापता, फ्री होल्ड अटका
मोतीनगर स्थित करीब साढ़े पांच बीघा जमीन पर एक अधिक से अधिक आशियाना बने हैं। एलडीए इसे इंम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन बता रहा है। व्यापारी नेता पवन मनोचा जैसे 24 से अधिक व्यापारी यहां पर पुराने मकान खरीद कर रजिस्ट्री करा चुके हैं। व्यापारी मकानों को फ्री होल्ड कराने एलडीए पहुंचे तो पता चला कि फाइल लापता है।
फाइल में नाम किसी का, दस्तावेज किसी और का
सूत्रों के मुताबिक इंम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीनों पर काबिज कुछ लोगों ने बाबुओं से सांठगांठ कर फाइलों में घालमेल कराया, ताकि खोजने पर भी दस्तावेज न मिल सकें। इसमें बहुत सी फाइलें ऐसी हैं, जिनके ऊपर ट्रस्ट के आवंटी के रूप में जिसका नाम दर्ज है, फाइल के अंदर उसकी जगह किसी और के दस्तावेज रखे हैं। इसके कारण भी किसी मामले में यदि फाइल की खोज होती है तो संबंधित दस्तावेज नहीं मिल पाते हैं।
बाबू हो चुके सेवानिवृत्त
सूत्रों के मुताबिक एलडीए ने इस प्रकरण की छानबीन कराई तो 10 बाबुओं की तैनाती के दौरान घालमेल की बात सामने आई है। ये सभी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के दस्तावेज इधर-उधर करने का सर्वाधिक खेल तीन बाबुओं की तैनाती मेें हुआ है।
फैक्ट फाइल
राइटर कंपनी को स्कैनिंग के लिए दीं फाइलें 1,45, 449
एलडीए को कंपनी से वापस मिलीं फाइलें 1,22,000
34 कर्मचारी खोज रहे ट्रस्ट की फाइलें
वीसी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के अनुसार एलडीए के लालबाग एवं गोमतीनगर स्थित रिकॉर्ड रूम में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की फाइलें खोजने के लिए 34 कर्मचारियों को लगाया गया है। 15 दिन के बाद ठीक से पता चलेगा कि ट्रस्ट की कितनी फाइलें नहीं मिल सकीं।