{"_id":"68795d5bcfb1f86d9d0684e7","slug":"lucknow-lagged-behind-in-one-phase-otherwise-it-would-have-been-number-one-in-the-country-lucknow-news-c-13-1-vns1028-1297825-2025-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: एक चरण में पिछड़ा, वरना देश में नंबर-वन होता लखनऊ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: एक चरण में पिछड़ा, वरना देश में नंबर-वन होता लखनऊ
विज्ञापन
लखनऊ स्वच्छता अभियान की सड़क सफाई मशीन।
- फोटो : संवाद
लखनऊ। स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग के तीन प्रमुख चरण थे। दो में लखनऊ ने पूरे अंक पाए, मगर एक में 449 से कम अंक मिले। यदि तीसरे में पूरे अंक मिल जाते थे अपना शहर देश में टॉप कर जाता।
कुल 12500 अंकों के सर्वेक्षण तीन स्तरों को कचरा प्रबंधन आंकने का पैमाना बनाया गया था। इसमें पहले चरण में स्वच्छ सर्वेक्षण था। इसमें घर-घर (डोर टू डोर) जाकर कूड़ा कलेक्शन, गीले-सूखे कूड़े को अलग करना और खुले में कूड़ा न पड़ा रहे, इनके लिए 10 हजार अंक तय थे। इसमें लखनऊ का काम 100 की बजाए 97 प्रतिशत निकला। लखनऊ को 9579 नंबर ही मिले। हालांकि लखनऊ को गार्बेज फ्री सिटी चरण के 1300 और ओडीएफ के 1200 अंक पूरे के पूरे मिले।
जानिए क्या है गार्बेज फ्री सिटी
अपर नगर आयुक्त डा. अरविंद राव ने बताया गार्बेज फ्री सिटी का मतलब है कि जितना कूड़ा शहर से निकलता है, उसका उसी दिन वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो जाए। शहर से प्रतिदिन 2000 से 2200 मीट्रिक टन प्रतिदिन कूड़ा निकलता है। जिसका अब पूरा निस्तारण शिवरी प्लांट पर हो जाता है। बीते साल इसी श्रेणी में 1375 अंकों में लखनऊ को 725 अंक ही मिले थे।
विज्ञापन
इन कामों ने 44वें से पहुंचाया तीसरे पायदान पर
0 शिवरी प्लांट पर डंप करीब 19 लाख मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण।
0 मलबा निस्तारण प्लांट में ईंट, गमले व अन्य उपयोगी सामान बनाना।
0 डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में इलेक्टि्क वाहनों का उपयोग।
0 घैला में डंप कूड़े का निस्तारण।
0 हैदर कैनाल पर बने 120 एमएलडी एसटीपी प्लांट का शुरू होना।
0 कूड़ा प्रबंधन के लिए लापरवाह चीनी कंपनी इकोग्रीन एनर्जी को हटाना।
0 तालाब पोखरों की सफाई व सुंदरीकरण।
0 प्रमुख बाजारों की साफ-सफाई।
0 आवासीय क्षेत्रों के सफाई कार्य में सुधार।
0 सार्वजनिक शौचालयों की सफाई।
0 सोशल मीडिया पर सर्वेक्षण से चार करोड़ शहरवासियों का जुड़ना।
इस काम के लिए मिले इतने नंबर
स्वच्छ सर्वेक्षण : 10000 में 9579
गार्बेज फ्री सिटी : 1300 में 1300
ओडीएफ : 1200 में 1200
कुल नंबर : 12500 में 12001
टॉप-3 शहरों के नंबर
1-अहमदाबाद : 12500 में 12079
2- भोपाल : 12500 में 12067
3- लखनऊ : 12500 में 12001
विज्ञापन
कुल 12500 अंकों के सर्वेक्षण तीन स्तरों को कचरा प्रबंधन आंकने का पैमाना बनाया गया था। इसमें पहले चरण में स्वच्छ सर्वेक्षण था। इसमें घर-घर (डोर टू डोर) जाकर कूड़ा कलेक्शन, गीले-सूखे कूड़े को अलग करना और खुले में कूड़ा न पड़ा रहे, इनके लिए 10 हजार अंक तय थे। इसमें लखनऊ का काम 100 की बजाए 97 प्रतिशत निकला। लखनऊ को 9579 नंबर ही मिले। हालांकि लखनऊ को गार्बेज फ्री सिटी चरण के 1300 और ओडीएफ के 1200 अंक पूरे के पूरे मिले।
विज्ञापन
जानिए क्या है गार्बेज फ्री सिटी
अपर नगर आयुक्त डा. अरविंद राव ने बताया गार्बेज फ्री सिटी का मतलब है कि जितना कूड़ा शहर से निकलता है, उसका उसी दिन वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो जाए। शहर से प्रतिदिन 2000 से 2200 मीट्रिक टन प्रतिदिन कूड़ा निकलता है। जिसका अब पूरा निस्तारण शिवरी प्लांट पर हो जाता है। बीते साल इसी श्रेणी में 1375 अंकों में लखनऊ को 725 अंक ही मिले थे।
विज्ञापन
इन कामों ने 44वें से पहुंचाया तीसरे पायदान पर
0 शिवरी प्लांट पर डंप करीब 19 लाख मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण।
0 मलबा निस्तारण प्लांट में ईंट, गमले व अन्य उपयोगी सामान बनाना।
0 डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में इलेक्टि्क वाहनों का उपयोग।
0 घैला में डंप कूड़े का निस्तारण।
0 हैदर कैनाल पर बने 120 एमएलडी एसटीपी प्लांट का शुरू होना।
0 कूड़ा प्रबंधन के लिए लापरवाह चीनी कंपनी इकोग्रीन एनर्जी को हटाना।
0 तालाब पोखरों की सफाई व सुंदरीकरण।
0 प्रमुख बाजारों की साफ-सफाई।
0 आवासीय क्षेत्रों के सफाई कार्य में सुधार।
0 सार्वजनिक शौचालयों की सफाई।
0 सोशल मीडिया पर सर्वेक्षण से चार करोड़ शहरवासियों का जुड़ना।
इस काम के लिए मिले इतने नंबर
स्वच्छ सर्वेक्षण : 10000 में 9579
गार्बेज फ्री सिटी : 1300 में 1300
ओडीएफ : 1200 में 1200
कुल नंबर : 12500 में 12001
टॉप-3 शहरों के नंबर
1-अहमदाबाद : 12500 में 12079
2- भोपाल : 12500 में 12067
3- लखनऊ : 12500 में 12001