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लखनऊ : एसजीपीजीआई में संक्रमित ने चौथी मंजिल से कूदकर दी जान, निदेशक ने दिए जांच के निर्देश

Thu, 29 Apr 2021 11:16 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 29 Apr 2021 11:16 PM IST
सार

एसजीपीजीआई के राजधानी कोविड अस्पताल में बृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमित ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। वह गुर्दे की बीमारी से भी पीड़ित था।

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Lucknow: In SGPGI, infected person jumped from fourth floor, director gave instructions for investigation
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

एसजीपीजीआई के राजधानी कोविड अस्पताल में बृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमित ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी। वह गुर्दे की बीमारी से भी पीड़ित था।

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सीतापुर के मानपुर थाना निवासी कमल किशोर (32) को गुर्दे से जुड़ी समस्या थी। एसजीपीजीआई से अगस्त 2018 से उसकी हीमोडायलिसिस हो रही थी। 16 अप्रैल को वह हीमोडायलिसिस के लिए आया तो उसकी कोरोना जांच कराई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे 18 अप्रैल को राजधानी कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। गुरुवार सुबह वह बाथरूम की खिड़की से कूद गया। चौथी मंजिल से गिरने से उसका सिर फट गया। आनन-फानन उसे इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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उसके पिता मनोहर लाल का आरोप है कि कमल ने उन्हें फोन कर बताया कि यहां ठीक से इलाज नहीं हो रहा है। कोई देखने नहीं आता और समय पर खाना भी नहीं मिलता। इस पर उन्होंने उसे समझाया। गुरुवार सुबह नौ बजे कमल ने फिर फोन कर कहा कि पापा पेट में बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन कोई डॉक्टर सुन नहीं रहा और न ही कोई देखने आ रहा है। इस पर मनोहर लाल परेशान हो गए। इसके तीन घंटे बाद पुलिस ने कमल के खुदकुशी करने की सूचना दी। मनोहर लाल का आरोप है कि सही इलाज न मिलने से उनके बेटे ने यह कदम उठाया। उसके परिवार में पत्नी नीरू देवी व दो बच्चे हैं। वहीं, निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मामले ने एसजीपीजीआई की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। सवाल यह भी उठाया जा रहा कि जब यहां गंभीर मरीज भर्ती हो रहे थे तो खिड़कियों में जाली क्यों नहीं लगाई गई। वहीं, संबंधित मंजिल पर बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी रहते हैं। इसके बाद भी कमल की स्थिति का किसी को अंदाजा नहीं लगा।

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