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कोर्ट ने कांग्रेस कार्यकर्ता सदफ जफर पर एफआईआर के मामले में सरकार से मांगा जवाब
Fri, 03 Jan 2020 10:19 AM IST
शाहरुख खान
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 03 Jan 2020 10:19 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सीएए के विरोध प्रदर्शन में गिरफ्तार कांग्रेस कार्यकर्ता सदफ जफर के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के आग्रह वाली याचिका पर प्रदेश सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति शबीहुल हसनैन व न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार द्वितीय की खंडपीठ ने सदफ जफर की याचिका पर दिया। सदफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 19 दिसंबर को उसे जेल भेज दिया गया था।
याचिका में याची पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने, जेल में बेहतर चिकित्सा सुविधा देने व जेल मैनुअल के तहत घर का भोजन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश देने का आग्रह किया था।
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याची की गिरफ्तारी को अनुचित ठहराने और मामले की जांच अदालत की देखरेख में पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से कराने का आग्रह किया था।
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यह आदेश न्यायमूर्ति शबीहुल हसनैन व न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार द्वितीय की खंडपीठ ने सदफ जफर की याचिका पर दिया। सदफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 19 दिसंबर को उसे जेल भेज दिया गया था।
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याचिका में याची पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने, जेल में बेहतर चिकित्सा सुविधा देने व जेल मैनुअल के तहत घर का भोजन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश देने का आग्रह किया था।
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याची की गिरफ्तारी को अनुचित ठहराने और मामले की जांच अदालत की देखरेख में पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी से कराने का आग्रह किया था।
इस पर सरकारी वकील ने जेल अधिकारियों की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करते हुए कहा कि याची को पहले ही जरूरी चिकित्सीय सुविधा दी जा चुकी है। याची के आग्रह का विरोध करते हुए कहा कि जमानत याचिका को मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया है।
अब यह याचिका जिला अदालत के समक्ष विचाराधीन है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह मामला अंतरिम राहत देने वाला है। कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अब यह याचिका जिला अदालत के समक्ष विचाराधीन है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह मामला अंतरिम राहत देने वाला है। कोर्ट ने सरकार को दो सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।