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लखनऊ गैंगवार : शूटरों को उज्जैन पहुंचाने वाला गिरफ्तार, कार बरामद, आजमगढ़ से कई को पुलिस ने उठाया

Sun, 10 Jan 2021 10:10 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 10 Jan 2021 10:10 PM IST
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Lucknow Gangwar: Arrested for transporting shooters to Ujjain, car recovered, police picked up many from Azamgarh
पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

विभूतिखंड थानाक्षेत्र के कठौता चौराहे पर बुधवार को हुए गैंगवार में मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह को गोलियों से भून डाला गया था। वहीं साथी मोहर सिंह घायल हो गया था। पुलिस ने इस मामले में दो दिनों में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

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रविवार को पुलिस के हाथ शूटरों को आजमगढ़ से लखनऊ लाने और फिर लखनऊ से उज्जैन तक पहुंचाने वाला आरोपी लग गया। पुलिस उसे लेकर देर रात लखनऊ पहुंची। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने वाले शूटर मुंबई निकल गये है।
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पुलिस की एक टीम वहां भी दबिश के लिए गई है। वहीं आजमगढ़ से कुछ अपराधियों को पुलिस ने उठा लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। जिनके आधार पर साजिश रचने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह व उसके करीबी मोहर सिंह दोनों बुधवार रात को विभूतिखंड थानाक्षेत्र के कठौता चौराहे पर गये थे। उनके साथ बुलेटप्रुफ एसयूवी में अजीत की महिला मित्र भी मौजूद थी। कठौता चौराहे पर एसयूवी से उतरते ही घात लगाकर बैठे शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात में अजीत को 25 गोलियां लगी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं उसके साथी मोहर सिंह और एक डिलीवरी बॉय को भी गोली लगी थी। दोनों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने इस मामले में शनिवार को शूटरों की मदद करने वाले प्रिंस को दबोच लिया। वह रोहतास प्लूमेरिया में रहता है। पुलिस ने वहीं से वारदात को अंजाम देकर भागने में प्रयुक्त लाल रंग की डस्टर कार भी बरामद की। जो मुंबई के एक व्यापारी की निकली।

वारदात के बाद उज्जैन होते हुए मुंबई निकले शूटर

पुलिस कश्मिनर डीके ठाकुर के मुताबिक रविवार को क्राइम ब्रांच की टीम के हाथ एक और सफलता लगी। जिसमें पुलिस ने शूटरों को सुरक्षित ठिकाने तक पहुंचाने वाले एक युवक को दबोच लिया। पकड़ा गया युवक आजमगढ़ का रहने वाला रेहान है।

पुलिस ने उसे सर्विलांस टीम की मदद से उज्जैन लोकेशन मिलने पर वहीं से गिरफ्तार किया है। उसके पास से लखनऊ से उज्जैन तक पहुंचाने में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की पूछताछ में रेहान ने बताया कि उसी ने आजमगढ़ से शूटरों को लखनऊ पहुंचाया था।

इसके बाद वारदात के दूसरे दिन वहां से शूटरों को लेकर उज्जैन के लिए निकल गया। उज्जैन पहुंचने के बाद शूटरों को दूसरी कार में बैठाकर मुंबई के लिए भेज दिया। इसके बाद वह अपने लिए सुरक्षित ठिकाना तलाश रहा था। लेकिन इसके पहले ही रविवार तड़के पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

स्कूल संचालक के घर दी दबिश
पुलिस के मुताबिक अजीत सिंह की हत्या में शामिल शूटरों के  मददगार प्रिंस की गिरफ्तारी के बाद चार नई टीमों को इस गैंगवार के खुलासे के लिए लगा दिया गया है। शनिवार देर रात को पुलिस टीम ने एक स्कूल संचालक के घर पर दबिश दी गई। इस संचालक का आपराधिक इतिहास है। इसके अलावा घायल शूटर की तलाश में पुलिस वहां के एक अस्पताल में भी दबिश दी। साथ में लाल डस्टर से लखनऊ गये अंकुर व उसके दो करीबियों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इन दोनों से एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है।

शनिवार को पुलिस गिरफ्त में आये प्रिंस ने गैंगवार से जुड़ी कई अहम जानकारी दी। उसने बताया कि अंकुर और बंधन ने किसी से बात कर कहा था कि गिरधारी ने अजीत की हत्या कर दी है। पुलिस व एसटीएफ भी यही मान रही है कि गिरधारी उर्फ डॉक्टर ने अजीत को गोलियों से भून डाला था। गिरधारी पर वाराणसी पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।

रास्ते में मिले थे दो शूटर

पुलिस की पूछताछ में प्रिंस ने बताया कि वह अंकुर व बंधन के साथ आजमगढ़ से चला था। अंकुर और बंधन ने कुछ दूर चलने केबाद गाड़ी रूकवा दी थी। दो लोग मिलने आये। अंकुर ने गाड़ी से उतरकर उनके मोबाइल से किसी की बात कराई। फिर रास्ते में अंकुर व बंधन ने किसी से मोबाइल पर बात ही नहीं की। प्रिंस से कई अहम जानकारी मिलने के बाद आजमगढ़ पुलिस  से कुछ ठिकानों पर दिबश देने के लिए मदद मांगी गई है। कमिश्नरेट और आजमगढ़ की पुलिस आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दे रही है।

दो फ्लैट बने थे शूटरों के ठिकाने
पुलिस के मुताबिक गोमतीनगर विस्तार स्थित शारदा अपार्टमेंट के दो फ्लैट शूटरों के लिए सुरक्षित ठिकाना बने थे। एक फ्लैट प्रदीप कबूतरा का परिवार रहता है। वहीं दूसरे फ्लैट में शूटरों को पनाह दिया गया था। शूटरों की मदद करने वाले अंकुर व बंधन रोहतास के फ्लैट में ठहरे थे। शारदा अपार्टमेंट का फ्लैट आजमगढ़ जेल में बंद कुंटू सिंह के करीबी प्रदीप कबूतरा का बताया जा रहा है। उधर मुख्य शूटर गिरधारी की वर्तमान फोटो पुलिस के हाथ लग गई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। वहीं एसटीएफ ने भी अपना जाल बिछा दिया है। इस मामले में कुछ सफेदपोश के नाम भी सामने आ रहे हैं। जिनकी कुंडली पुलिस खंगाल रही है।

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