बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

लखनऊ : रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन के नाम पर ठगी, दो नाबालिग पकड़े

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 04 May 2021 09:39 AM IST

सार

रसूखदार परिवार के तीन किशोरों ने ट्विटर व सोशल मीडिया पर रेमडेसिविर इंजेक्शन व आक्सीजन आपूर्ति का झांसा देकर लोगों से रुपये ऐंठे। उनकी हरकतों के चलते ऑक्सीजन न मिल पाने से एक मरीज की जान तक चली गई।
विज्ञापन
रेमडेसिविर और ऑक्सीजन सिलिंडर
रेमडेसिविर और ऑक्सीजन सिलिंडर - फोटो : सोशल मीडिया

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें

विस्तार

रसूखदार परिवार के तीन किशोरों ने ट्विटर व सोशल मीडिया पर रेमडेसिविर इंजेक्शन व आक्सीजन आपूर्ति का झांसा देकर लोगों से रुपये ऐंठे। उनकी हरकतों के चलते ऑक्सीजन न मिल पाने से एक मरीज की जान तक चली गई। इसकी शिकायत पर सेंट्रल जोन की सर्विलांस टीम व हजरतगंज पुलिस ने पड़ताल शुरू की। पुलिस ने 9वीं और 10वीं के छात्र को दबोच लिया जबकि 11वीं का छात्र पकड़ से बाहर है। पकड़ा गया एक किशोर बिजली विभाग में तैनात एक अधिकारी का बेटा है जबकि दूसरा प्राइवेट कंपनी में बड़े पद पर तैनात एक अफसर का बेटा है। पुलिस ने दोनों को बाल सुधार गृह भेजा है। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने यूूपीआई आईडी, गूगल पे व फोन पे के जरिए 30 से ज्यादा लोगों से हजारों की ठगी की है।
विज्ञापन


ट्विटर व टेलीग्राम पर मोबाइल नंबर शेयर किया
एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, रेमडेसिविर इंजेक्शन और आक्सीजन सप्लाई के लिए जालसाजों ने ट्विटर व टेलीग्राम पर दो मोबाइल नंबर 7985763840 और 7652058860 पोस्ट किए। सोशल मीडिया पर यह मेसेज डाला कि यह नंबर प्रमाणित है और हमारे यहां जरूरतमंदों को रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।


रकम ट्रांसफर होते ही ब्लॉक कर देते थे नंबर
मध्य जोन के सर्विलांस सेल प्रभारी धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक, सोशल मीडिया पर यह मेसेज देखकर कई लोगों ने संपर्क किया। कॉल करने पर लोगों से बैंक खाते के जरिए यूपीआई आईडी, गूगल पे व फोन पे के जरिए रकम की 40 प्रतिशत रिाश एडवांस ट्रांसफर करा लेते थे। अपचारियों ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कीमत 3500 रुपये और ऑक्सीजन सिलेंडर की कीमत 8500 रुपये रखी थी। पैसे ट्रांसफर होने के बाद शातिर किशोर उनके मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर देते थे। यही नहीं, अंजान नंबर से कॉल आने और इंजेक्शन व सिलेंडर की सप्लाई की बात करने पर वह उस नंबर को भी ब्लॉक कर देते थे।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

धोखेबाजी में चली गई एक शख्स की जान

विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X