लखनऊ: पांच हजार आवंटियों से धोखाधड़ी करने वाले अंसल पर होगी एफआईआर, सीएम की सख्ती के बाद कार्रवाई
Case against Ansal: लखनऊ की बिल्डर कंपनी अंसल एपीआई पर एलडीए एफआईआर दर्ज कराएगा। उस पर पांच हजार आंवटियों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है।
विस्तार
अंसल मसले पर पिछले सात दिनों से अपने जिम्मेदारी से भाग रहा एलडीए मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद अब जागा है। अब वह पांच हजार आवंटियोंं से धोखाधड़ी करने वाली अंसल प्रापर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा। इसके अलावा एनसीएलटी आदेश के खिलाफ अपीलीय टिब्यूनल में जाएगा। यहां पर राहत नहीं मिलेगी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएगा। एक सप्ताह के अंदर यह कार्रवाई पूरी की जाएगी। इसकी जानकारी एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने सोमवार देर शाम दी।
उन्होंने बताया कि एफआईआर इसलिए दर्ज कराई जाएगी क्योंकि यह शिकायतें आ रही हैं कि अंसल ने टाउनशिप मेंं उस जमीन को भी बेचा है जो एलडीए के पास बंधक है। सीलिंग और ग्राम समाज की जमीन भी बेची है। ग्रीन बेल्ट की जमीन भी बेच दी है। यह धोखाधड़ी है। एलडीए के पास कंपनी ने 411 एकड़ जमीन बंधक रखी थी, इसमें से कितनी जमीन बेची है और कितनी बची है जांच कर यह रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अंसल की ओर से की गई अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और एनसीएलटी के आदेश से खिलाफ जिस स्तर से खरीददारों को राहत मिल सकती है उस स्तर तक पैरवी की जाए।
दिन भर एलडीए में जमे रहे प्रमुख सचिव आवास
अंसल मसले पर मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद प्रमुख सचिव आवास पी गुरू प्रसाद, सचिव आवास बलकार सिंह सोमवार को करीब चार घंटे तक एलडीए में रहे। इस दौरान एलडीए अफसरों के साथ मीटिंग की और अंसल से जुड़ी पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को जानकारी देने के लिए तैयार की गई। उसके बाद शाम को अफसर मुख्यमंत्री से मिले।
एलडीए अफसरों पर लटकी तलवार
एलडीए वीसी ने कहा कि एफआईआर के बाद यदि पुलिस की विवेचना में एलडीए के अफसरों की भूमिका पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लोग भी एफआईआर दर्ज करा सकते हैं जिनसे अंसल ने पैसा तो लिया मगर जमीन या मकान नहीं दिया। ऐसी जमीन बेची जो उसके पास है ही नहीं। एक मकान और जमीन को कई-कई बार बेचे जाने की शिकायत है। जो लोग इस तरह की ठगी का शिकार हुए हैं वह भी एफआईआर दर्ज कराएं।
विवाद समाप्त होने के बाद एलडीए अंसल में बेचेगा जमीन-मकान
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि शासन को यह प्रस्ताव भी दिया जाएगा कि विवाद समाप्त होने के बाद एलडीए को अंसल टाउनशिप विकसित करने की जिम्मेदारी दी जाए। अंसल को शहीद पथ पर सुशांत गोल्फ सिटी नाम से हाईटेक टाउनशिप बसाने का लाइसेंस साल 2005 में शासन ने दिया था। ऐसे में एलडीए को जिम्मेदारी मिलेगी या नहींं यह शासन ही तय करेगा।
05 अप्रैल 2028 तक है अंसल के पास लाइसेंस
एलडीए वीसी ने बताया कि पहली बार अंसल को 2015 में लाइसेंस मिला था और पांच साल में टाउनशिप विकसित करनी थी। पहले योजना 6465 एकड़ की थी। उसके बाद साल 2023 में डीपीआर संशोधित हुआ और योजना 4690 एकड़ की रह गई। आखिरी बार छह अप्रैल 2023 में अंसल का लेआउट पास हुआ। शर्तों के तहत लेआउट पास होने के बाद पांच साल का समय योजना विकसित करने के लिए दिया जाएगा ऐसे में अभी पांच अप्रैल 2028 तक समय अंसल के पास था। अब दिवालिया होने के बाद अंसल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए शासन को रिपेार्ट भी भेजी जाएगी।
बिना सुने एनसीएलटी ने जारी किया आदेश
एलडीए वीसी ने कहा कि एनसीएलटी ने एलडीए या आवास विकास को पक्षकार नहीं बनाया था। नोटिस भी नहीं जा रही की थी। एक पक्षीय आदेश जारी किया है। एलडीए का अंसल पर जमीनों का करीब 450 करोड़ रुपये बकाया है उसको भी संज्ञान में नहीं लिया। ऐसे में एनसीएलटी का निर्णय एलडीए को मान्य नहीं है। इसके खिलाफ अपीलीय ट्रिब्यूनल में जाएगा और एनसीएलटी को भी बताया कि अंसल पर उसकी कितनी देनदारी है।