{"_id":"6ab3db65c3d6f022770d487e","slug":"mohanlalganj-bodies-of-three-friends-who-drowned-in-the-sai-river-recovered-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोहनलालगंज: सई नदी में डूबे तीन दोस्तों के शव मिले, गांव में पसरा मातम, 18 घंटे चला सर्च ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोहनलालगंज: सई नदी में डूबे तीन दोस्तों के शव मिले, गांव में पसरा मातम, 18 घंटे चला सर्च ऑपरेशन
Wed, 23 Sep 2026 07:30 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, मोहनलालगंज
अमर उजाला नेटवर्क, मोहनलालगंज
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Wed, 23 Sep 2026 07:30 PM IST
सार
सिसेंडी गांव के ग्रामीण गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जबरेला पुल के पास सई नदी पहुंचे थे। इसी दौरान सिसेंडी निवासी हरी प्रसाद और धीरज गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों को बचाने के लिए प्रमोद भी नदी में उतर गए। देखते ही देखते तीनों दोस्त नदी में डूब गए थे। तीनों के शव बरामद हुए हैं।
विज्ञापन
18 घंटे चला सर्च अभियान, तीनों के शव मिले।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सिसेंडी गांव में मंगलवार को सई नदी में प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबे तीन दोस्तों हरी प्रसाद (25), धीरज (21) और प्रमोद (25) के शव बरामद कर लिए गए। मंगलवार रात करीब तीन बजे हरी प्रसाद और धीरज के शव घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर नदी से मिले। वहीं, प्रमोद का शव एसडीआरएफ ने बुधवार दोपहर को बरामद किया।
विज्ञापन
सिसेंडी गांव के ग्रामीण मंगलवार को गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जबरेला पुल के पास सई नदी पहुंचे थे। इसी दौरान सिसेंडी निवासी हरी प्रसाद और धीरज गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों को बचाने के लिए प्रमोद भी नदी में उतर गए। देखते ही देखते तीनों दोस्त नदी में डूब गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से पुलिस ने तलाश शुरू कराई लेकिन उनका पता नहीं चल सका। इसके बाद एसडीआरएफ ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
विज्ञापन
उन्नाव व कानपुर से बुलाए गए गोताखोर
करीब 18 घंटे चले अभियान में एसडीआरएफ की दो टीमें, जल पुलिस, पुलिस-पीएसी के जवान और निजी गोताखोर जुटे रहे। शवों की तलाश के लिए उन्नाव के शुक्लागंज और कानपुर से पेशेवर गोताखोर भी बुलाए गए थे। एसीपी आरके सिंह के मुताबिक, हादसे के संबंध में किसी भी परिजन ने कोई शिकायत नहीं की है।
विज्ञापन
प्रशासन ने आर्थिक मदद दिलाने की कही बात
नायब तहसीलदार अजुवेंद्र ने बताया कि तीनों युवकों के परिजनों को जल्द ही आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। इसके लिए लेखपाल श्रवण कुमार मिश्रा की रिपोर्ट एसडीएम के माध्यम से शासन को भेजी गई है।
ऐतिहासिक दंगल भी स्थगित
गांव में तीन युवकों की मौत से मातम पसरा है। तीनों के शव गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के चलते हर वर्ष गणेश चतुर्दशी पर होने वाला ऐतिहासिक दंगल भी स्थगित कर दिया गया। प्रमोद के परिवार में पिता हरिशंकर, मां रानी और तीन भाई बिनोद, मनोज व विजय हैं। धीरज के परिवार में तीन माह की गर्भवती पत्नी अनीता, मां दीपा और पिता रामनरेश हैं। वहीं, हरी प्रसाद के परिवार में पत्नी श्यामावती, बेटा निहाल और बेटी निहारिका हैं।