वर्चस्व की जंग में हुई दोनों भाइयों की हत्या, नामजद एक आरोपी गिरफ्तार, दो फरार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठाकुरगंज के मुसाहिबगंज में बुधवार रात सगे भाइयों इमरान गाजी व अरमान गाजी की हत्या वर्चस्व की जंग में हुई थी। पुलिस ने मामले में एक नामजद आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ के आधार पर पुलिस वर्चस्व की लड़ाई की बात कह रही है। वहीं, दो मुख्य आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे है। जिनकी तलाश में 15 टीमें लगाई गई हैं।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि इमरान व अरमान के छोटे भाई रेहान ने शिवम सिंह, उमेश उर्फ चीना और साहिल उर्फ छोटू समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ठाकुरगंज पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह नामजद आरोपी साहिल को गिरफ्तार कर लिया।
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक, पूछताछ में साहिल से पता चला है कि कुछ दिन पहले इमरान का मोहल्ले के ही शिवम व उमेश से विवाद हुआ था। रेहान के मुताबिक, आठ दिन पहले शिवम व चीना ने पिता दिलदार को धमकाया था कि इमरान व अरमान की हत्या कर देंगे।
घात लगाकर किया हमला, 24 मिनट काटा बवाल
इसके बाद इमरान और अरमान को लाठी-डंडे से पीटने लगे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों भाइयों को पीटने के बाद शिवम और चीना ने उन्हें गोली मार दी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में हत्या का आरोपी शिवम 1:14 मिनट पर भागते हुए दिखा है। इससे साफ है कि हमलावर करीब 24 मिनट तक घटनास्थल पर ही उत्पात मचाते रहे।
इस दौरान न तो स्थानीय लोगों ने कोई कदम उठाया और न ही पुलिस उधर से गुजरी। वहीं, रेहान ने बताया कि वह किसी तरह जान बचाकर भाग निकला था। उसने घटना की खबर परिवारीजनों को दी। इसके बाद घायल इमरान व अरमान को ट्रॉमा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया था। मुख्य आरोपी शिवम व चीना के पकड़े जाने पर ही असल विवाद का पता चल सकेगा।
हिस्ट्रीशीटर का ड्राइवर है साहिल
शिवम के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक,मुख्य आरोपी शिवम सिंह के खिलाफ ठाकुरगंज व चौक कोतवाली में कई मुकदमे दर्ज हैं। 2015 में उसके खिलाफ ठाकुरगंज में रंगदारी मांगने का पहला केस दर्ज हुआ था। इसके बाद आर्म्स एक्ट और मारपीट समेत अमानत में खयानत के चार मामले दर्ज हुए। इन मामलों में शिवम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। पांच सितंबर को उसे शांति भंग में पाबंद किया गया था।
500 मीटर की दूरी तय करने में लगा एक घंटा
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटनास्थल से ठाकुरगंज थाने की दूरी महज 500 मीटर है। इसके बावजूद पुलिस करीब घंटेभर बाद मौके पर पहुंची। रात 11:30 बजे के बाद इमरान और अरमान को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गयाए तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हालांकि, एसएसपी का कहना है कि ठाकुरगंज थाने के सब इंस्पेक्टर विशाल कुमार बुधवार रात गश्त पर थे। सूचना के पांच मिनट के अंदर वह मौके पर पहुंच गए थे। बाद में उन्होंने थाने पर सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस बुलवाई थी।
तू भाग जा तुझसे कोई मतलब नहीं है...
वारदात के दौरान कैब में इमरान व अरमान का दोस्त निशांत भी बैठा था। इससे पहले इमरान ने अपने एक दोस्त जलालू को उसके घर पर छोड़ा था। तीन चाय पैक कराकर घर जा रहे थे। निशांत के मुताबिक, बदमाशों ने कैब रोकने के बाद इमरान और अरमान को बाहर खींचकर मारना शुरू कर दिया। जब उसने विरोध किया तो उससे कहा कि तू भाग जा तुझसे कोई मतलब नहीं है। जब बदमाशों ने उस पर तमंचा तान दिया तो वह परिवारीजनों को सूचना देने पहुंच गया।