{"_id":"6a11c59adc7f1b3c100771c6","slug":"lucknow-cyber-cell-begins-investigation-into-aktu-paper-leak-case-committee-submits-report-know-the-full-2026-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ: एकेटीयू पेपर लीक मामले पर साइबर सेल ने शुरू की जांच, कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट; जानिए पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ: एकेटीयू पेपर लीक मामले पर साइबर सेल ने शुरू की जांच, कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट; जानिए पूरा मामला
Sat, 23 May 2026 08:49 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 23 May 2026 08:49 PM IST
सार
AKTU paper leak: कॉलेज की शिकायत पर साइबर सेल ने अपनी जांच भी शुरू कर दी है। इसमें स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है।
विज्ञापन
एकेटीयू पेपर लीक मामला।
- फोटो : संवाद
विस्तार
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के बीटेक छठें सेमेस्टर के पेपर वायरल होने मामले में नोएडा स्थित कॉलेज की शिकायत पर साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से गठित कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट दे दी है। इसके आधार पर विश्वविद्यालय जल्द कार्यवाही करेगा। विश्वविद्यालय पेपर निरस्त कर कड़ी कार्यवाही की तैयारी में है।
दरअसल, गाजियाबाद स्थित परीक्षा केंद्र पर नकल के लिए लाई गई सामग्री के साथ पकड़े गए छात्र से यह जानकारी मिली थी कि पेपर लगभग 1.35 बजे ही वाट्सअप ग्रुप व टेलीग्राम चैनल के माध्यम से वायरल हो गया था। जब विश्वविद्यालय ने इसकी जांच की तो पता चला कि पेपर को बाहर भेजने में नोएडा स्थित केंद्र की भूमिका संदिग्ध है।
क्योंकि पेपर पर दर्ज आईपी एड्रेस नोएडा स्थित एक कॉलेज के केंद्र का था। इसके आधार पर विश्वविद्यालय ने तुरंत वहां का कंप्यूटर व सीसीटीवी फुटेज सील कर दिया था। दूसरी तरफ नोएडा स्थित कॉलेज ने परीक्षा कार्य से जुड़े कंट्रोल रूम के अपने सभी कर्मचारियों को बुलाकर उनके फोन आदि की भी जांच की है। इसके आधार पर उसने विश्वविद्यालय को अपनी रिपोर्ट भी दे दी है। साथ ही कॉलेज की तरफ से साइबर सेल में इसकी शिकायत की गई है।
विज्ञापन
कॉलेज की शिकायत पर साइबर सेल ने अपनी जांच भी शुरू कर दी है। इसमें स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि साइबर सेल की जांच के आधार पर गड़बड़ी करने वाले के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी और दोबारा ऐसा न हो, इसके लिए आवश्यक प्रयास भी किए जाएंगे। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन भी अपने स्तर से इस पर कड़ी कार्यवाही करते हुए छात्रहित में निर्णय लेगा।
पुलिस का भी लिया जा रहा है सहयोग
कॉलेज की शिकायत पर साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। इससे पता चलेगा कि मोबाइल में पेपर कहां से वायरल किया गया। विश्वविद्यालय की जांच कमेटी ने रिपोर्ट दी है। उससे कुछ बिंदुओं पर और जानकारी मांगी गई है। जल्द ही इस मामले में हम कड़ी कार्यवाही करेंगे। छात्रों का हित नहीं प्रभावित होगा।- प्रो. दीपक नगरिया, परीक्षा नियंत्रक, एकेटीयू
विज्ञापन
दरअसल, गाजियाबाद स्थित परीक्षा केंद्र पर नकल के लिए लाई गई सामग्री के साथ पकड़े गए छात्र से यह जानकारी मिली थी कि पेपर लगभग 1.35 बजे ही वाट्सअप ग्रुप व टेलीग्राम चैनल के माध्यम से वायरल हो गया था। जब विश्वविद्यालय ने इसकी जांच की तो पता चला कि पेपर को बाहर भेजने में नोएडा स्थित केंद्र की भूमिका संदिग्ध है।
विज्ञापन
क्योंकि पेपर पर दर्ज आईपी एड्रेस नोएडा स्थित एक कॉलेज के केंद्र का था। इसके आधार पर विश्वविद्यालय ने तुरंत वहां का कंप्यूटर व सीसीटीवी फुटेज सील कर दिया था। दूसरी तरफ नोएडा स्थित कॉलेज ने परीक्षा कार्य से जुड़े कंट्रोल रूम के अपने सभी कर्मचारियों को बुलाकर उनके फोन आदि की भी जांच की है। इसके आधार पर उसने विश्वविद्यालय को अपनी रिपोर्ट भी दे दी है। साथ ही कॉलेज की तरफ से साइबर सेल में इसकी शिकायत की गई है।
विज्ञापन
कॉलेज की शिकायत पर साइबर सेल ने अपनी जांच भी शुरू कर दी है। इसमें स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि साइबर सेल की जांच के आधार पर गड़बड़ी करने वाले के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी और दोबारा ऐसा न हो, इसके लिए आवश्यक प्रयास भी किए जाएंगे। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन भी अपने स्तर से इस पर कड़ी कार्यवाही करते हुए छात्रहित में निर्णय लेगा।
पुलिस का भी लिया जा रहा है सहयोग
कॉलेज की शिकायत पर साइबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। इससे पता चलेगा कि मोबाइल में पेपर कहां से वायरल किया गया। विश्वविद्यालय की जांच कमेटी ने रिपोर्ट दी है। उससे कुछ बिंदुओं पर और जानकारी मांगी गई है। जल्द ही इस मामले में हम कड़ी कार्यवाही करेंगे। छात्रों का हित नहीं प्रभावित होगा।- प्रो. दीपक नगरिया, परीक्षा नियंत्रक, एकेटीयू