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Lucknow: बेवजह मरीजों को आईसीयू में भर्ती दिखाकर क्लेम, आठ निजी अस्पतालों में आयुष्मान में गड़बड़ी का मामला

Thu, 05 Feb 2026 09:43 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: आकाश द्विवेदी Updated Thu, 05 Feb 2026 09:43 PM IST
सार

लखनऊ में आयुष्मान योजना से जुड़े आठ निजी अस्पतालों पर बेवजह मरीजों को आईसीयू में भर्ती दिखाकर क्लेम करने का आरोप सामने आया है। जांच में आईसीयू से जुड़े जरूरी दस्तावेज गायब मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों से रिकॉर्ड तलब कर जांच शुरू कर दी है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

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Lucknow: Claims filed by unnecessarily admitting patients to the ICU; irregularities found in the Ayushman Bha
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

आयुष्मान योजना से पंजीकृत निजी अस्पतालों ने मरीजों को बेवजह आईसीयू में भर्ती करके क्लेम किया है। जबकि मरीज को आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत तक नहीं थी। शुरुआती जांच में इसका खुलासा हुआ है। ऐसे एक दो नहीं बल्कि दर्जनों केस सामने आए। आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा करने वाले निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी है।

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राजधानी में 400 से अधिक निजी व सरकारी अस्पताल आयुष्मान योजना से संबद्ध हैं। इन अस्पतालों में पात्र मरीजों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज का नियम है। सरकार ने हर बीमारी का पैकेज तय कर रखा है। आईसीयू वेंटिलेटर बेड का पैकेज 9900 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से तय है। जबकि बिना वेंटिलेटर आईसीयू बेड के लिए रोजाना 9350 रुपये का पैकेज है। इन अस्पतालों में आईसीयू व वेंटिलेटर बेड ज्यादातर समय फुल दिखाए गए हैं। 

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बेड की संख्या से ज्यादा मरीजों को भर्ती दिखाया

कई दफा बेड की संख्या से ज्यादा मरीजों को भर्ती दिखाया गया। वहीं बिना जरूरत मरीजों को आईसीयू में भर्ती रखने का आरोप है। स्टेट हेल्थ एजेंसी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (सांचीज) के अफसरों का कहना है कि कई मरीज को आईसीयू में ज्यादा या कम दिनों के लिए भर्ती रखा जा सकता है लेकिन भर्ती के दौरान जांच, दवाएं व दूसरे चीजों के दस्तावेज भी जरूरी है। 

बहुत से आयुष्मान संबद्ध अस्पतालों ने आईसीयू में मरीजों को भर्ती रखा लेकिन जांच रिपोर्ट व दूसरी समरी-रिपोर्ट बिल भुगतान के वक्त पेश नहीं किया है। निजी अस्पतालों ने अधूरे दस्तावेजों के सहारे भुगतान की साजिश रची थी। इसे लेकर आईसीयू का क्लेम करने वाले सभी निजी अस्पतालों से सभी मरीजों के दस्तावेज तलब किए गए हैं।

सीएमओ ने कही ये बात

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि आयुष्मान योजना के नोडल डॉ. विनय मिश्र को जांच के लिए आदेश दिए हैं। एक हफ्ते में सभी आठ अस्पतालों की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। सभी बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी अस्पतालों पर कार्रवाई की संस्तुति होगी।

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