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Lucknow : कारोबारी चार घंटे डिजिटल अरेस्ट...वसूले डेढ़ लाख; साइबर ठगों ने ये कहकर डराया
Wed, 22 Oct 2025 08:56 PM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Wed, 22 Oct 2025 08:56 PM IST
सार
कारोबारी ने बताया कि कुछ देर बाद उनके पास व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। वीडियो में जालसाज वर्दी पहने बैठा दिखा।
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डिजिटल अरेस्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
साइबर जालसाजों ने इंदिरानगर निवासी कारोबारी को चार घंटे डिजिटल अरेस्ट रखकर उनसे डेढ़ लाख रुपये वसूल लिए। आरोपियों ने पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के संस्थापक ओएम अब्दुल सलाम से पीड़ित के संबंध होने की बात कही। पीड़ित ने गाजीपुर थाने में फोन नंबर के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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कारोबारी के मुताबिक 14 अक्तूबर को सुबह उनके पास अन्जान नंबर से व्हाट्सएप ऑडियो कॉल आई। फोनकर्ता ने खुद को डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया से विशाल शर्मा बताया। उसने कहा कि तुम्हारे मोबाइल से अश्लील बातें और विडियो देखी जा रही हैं।
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साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग में भी तुम्हारे मोबाइल नंबर का इस्तेमाल हो रहा है। पीड़ित के मना करने पर आरोपी ने धमकाते हुए उनकी कॉल वरिष्ठ अधिकारी आनंद शर्मा को ट्रांसफर कर दी। उसने भी पीड़ित के दोषी होने का दावा करते हुए कहा कि यह पुलिस केस है, इसलिए उनकी वीडियो कॉल मुंबई के कोलाबा थाने में दरोगा संदीप राव से कराई जाएगी। यह सुनते ही कारोबारी घबरा गए।
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कारोबारी ने बताया कि कुछ देर बाद उनके पास व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई। वीडियो में जालसाज वर्दी पहने बैठा दिखा। उसने कहा कि तुमसे पूछताछ की जाएगी। अगर इस बारे में किसी को बताओगे नहीं और सहयोग करोगे को तुम्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बरी कर दिया जाएगा।
उन्होंने बात मान ली। फिर ठग ने कॉल अपने साथी को ट्रांसफर कर दी। उसने खुद को एडीजीपी विश्वास नागरे पाटिल बताया और चार घंटे डिजिटल अरेस्ट रख कर खाते में पड़ी रकम की जांच के बहाने उनसे डेढ़ लाख वसूल लिए। एसीपी गाजीपुर ए विक्रम सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है।