लखनऊ: अंसल के खिलाफ 11 और एफआईआर, तीन साल पहले शुरू हुई थी ईडी की जांच, फिर कर दी गई थी बंद
Cases filed against Ansalफर्जीवाड़े को लेकर अंसल एपीआई पर मुकदमों का सिलसिला जारी है। रविवार को अंसल पर दस और एफआईआर दर्ज की गई हैं।
विस्तार
अंसल कंपनी के खिलाफ मुकदमों का सिलसिला लगातार जारी है। अब हजरतगंज में एक एवं सुशांत गोल्फ सिटी थाने में 10 और एफआईआर दर्ज की गई हैं। सभी मामलों में पीड़ितों ने कंपनी व कंपनी के लोगों पर धोखाधड़ी व जालसाजी का आरोप लगाया है। अलग-अलग मामलों में अंसल कंपनी, इसके कर्ताधर्ता सुशील अंसल, प्रणव अंसल सहित धीरज सिंह, अभिजीत, सुनील गुप्ता तथा अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए हैं।
अंसल के खिलाफ सुबूत जुटाने के बाद अचानक ठप हो गई थी ईडी जांच
अंसल ग्रुप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने तीन वर्ष पहले भी जांच शुरू की थी, जो अचानक ठप हो गई। नतीजतन, निवेशक अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए भटकते रहे। अब अंसल के खिलाफ दोबारा कई मुकदमे दर्ज करने का सिलसिला शुरू होने पर ईडी में भी पुरानी फाइल को खंगाला जा रहा है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि जांच को किसी आधार पर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था और इसके पीछे किन अधिकारियों की भूमिका थी।
बता दें कि अंसल ग्रुप के खिलाफ पुलिस में दर्ज शिकायतों के बाद राजधानी स्थित ईडी के जोनल कार्यालय ने भी पड़ताल शुरू की थी। ईडी के तत्कालीन अधिकारियों ने लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट समेत पांच राज्यों में अंसल के खिलाफ दर्ज मुकदमों का ब्योरा भी जुटा लिया था। जिसके बाद मुकदमों में हुई कार्यवाहियों के बारे में भी जानकारी तलब की थी। सूत्रों की मानें तो ईडी के निशाने पर एक पूर्व आईएएस और अंसल ग्रुप के तत्कालीन एमडी थे, जिन्हें पूछताछ के लिए नोटिस भी भेजा गया था। इसके अलावा अंसल ग्रुप में 150 करोड़ रुपये निवेश करने वाले एक एनआरआई भी ईडी जांच के दायरे में आ गए थे। हालांकि अचानक पूरी जांच प्रक्रिया ठप हो गई, जिससे निवेशक ठगे रहे गए।
इन राज्यों में दर्ज हुए थे मुकदमे
अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ यूपी के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में 59 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी ईडी को दी गई थी। उस दौरान केवल लखनऊ में ही अंसल के खिलाफ निवेशकों ने धोखधड़ी करने के 27 मुकदमे दर्ज कराए थे। इसके अलावा आगरा व मेरठ में 6-6, गाजियाबाद में 2, कानपुर व जौनपुर में 1-1, जालंधर में 2, सोनीपत व गुरुग्राम में 1-1, दिल्ली में 6, दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू में 2, राजस्थान के कुंदननगर में 2, बीकानेर में एक मुकदमा दर्ज हुआ था।