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रायबरेली: 1977 में हार के बाद आठ दिन तक अपने घर से बाहर नहीं निकलीं थीं इंदिरा गांधी, राज नारायण ने दी थी मात

Mon, 01 Apr 2024 06:38 PM IST
ishwar ashish आशीष दीक्षित, अमर उजाला, रायबरेली
आशीष दीक्षित, अमर उजाला, रायबरेली Published by: ishwar ashish Updated Mon, 01 Apr 2024 06:38 PM IST
सार

राजनीति में प्रतिद्वंद्विता शब्द के बहुत मायने है। इसी शब्द ने राजनीति को गहराई देने के साथ उसे मुखर भी किया। खासकर चुनाव के दौरान इसकी धार और अधिक तेज हो जाती है।

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Loksabha Election: Contest between Indira Gandhi and Raj Narayan on Raebareli seat.
इंदिरा गांधी व राज नारायण। - फोटो : amar ujala

विस्तार

राजनीति में प्रतिद्वंद्विता शब्द के बहुत मायने है। इसी शब्द ने राजनीति को गहराई देने के साथ उसे मुखर भी किया। खासकर चुनाव के दौरान इसकी धार और अधिक तेज हो जाती है। ऐसी ही एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता इंदिरा गांधी और समाजवादी नेता राज नारायण के बीच भी रही, जिसने इतिहास बनाया और रायबरेली लोकसभा सीट उसकी गवाह बनी। दोनों के बीच सन 1971 और 1977 में दो बार मुकाबला हुआ, जिसने पूरे देश व दुनिया में रायबरेली को मशहूर कर दिया।

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बात 1971 की है। समाजवादी नेता राज नारायण ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चुनौती देने के लिए रायबरेली की ओर रुख किया। असल में इंदिरा गांधी के सामने उस समय विपक्ष से कोई ऐसा नहीं था जो मुकाबले में उतर सके। राज नारायण ने संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से नामांकन पत्र भरा। पहली बार वह लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे थे। राज नारायण को जीत का पूरा भरोसा था, लेकिन इंदिरा गांधी ने उन्हें 1,11,810 (40.47 फीसदी) मत के बड़े अंतर से हरा दिया। राज नारायण को 71,499 मत मिले थे। 2,84,752 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था और मत प्रतिशत 55.22 फीसदी रहा, जो उस समय सबसे अधिक था।
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यह दोनों कद्दावर नेताओं के मुकाबले का ही रोमांच था। इसके बाद जो राजनीतिक घटनाक्रम हुआ उसने दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता को बढ़ा दिया। इसके बाद 1977 के लोकसभा चुनाव में राज नारायण ने इंदिरा गांधी को 55,202 (16.62 फीसदी) मत से हराकर रायबरेली में पहली बार गांधी परिवार के किसी सदस्य को हराकर इतिहास रच दिया। इस बार राज नारायण ने भारतीय लोकदल से चुनाव लड़ा था।

दिल्ली में आठ दिन घर से बाहर नहीं निकली थीं इंदिरा
1977 की हार के बाद इंदिरा गांधी दिल्ली स्थित एक सफदरगंज रोड पर बने आवास से बाहर नहीं निकली थीं। उनको इस हार ने बुरी तरह से तोड़ दिया था। इस दौरान कांग्रेस के बड़े नेताओं ने उनसे बातचीत करने की कोशिश भी की थी लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं की थी।

- 1980 में विजय राजे सिंधिया को रिकॉर्ड मतों से हरा की वापसी : जनता पार्टी की सरकार गिरने के बाद 1980 के लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी ने रायबरेली और आंध्र प्रदेश के मेडक से नामांकन दाखिल किया। पहली बार इंदिरा गांधी दो जगह से चुनाव लड़ीं और दोनों जगह से जीत हासिल कीं। रायबरेली में इंदिरा गांधी ने जनता पार्टी की विजय राजे सिंधिया को 1,73,654 मतों से हराया। यह उनकी रायबरेली सीट पर अब तक की सबसे बड़ी जीत थी। रायबरेली के मतदाताओं ने इंदिरा गांधी को हाथों हाथ लिया था। विजय राजे सिंधिया को मात्र 50,249 मत मिले थे। 

1971 का रण 
प्रत्याशी -- दल -- मत 
इंदिरा गांधी -- कांग्रेस -- 1,83,309
राज नारायण -- संयुक्त सोशलिस्ट -- 71,499
जीत का अंतर -- 1,11,810
मतदान प्रतिशत -- 55.2 प्रतिशत

1977 का रण
प्रत्याशी -- दल -- मत 
राज नारायण  -- भारतीय किसान दल -- 1,77,719
इंदिरा गांधी -- कांग्रेस -- 1,22,517
जीत का अंतर  -- 55,202
मतदान प्रतिशत -- 54.1 प्रतिशत

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