लोकसभा चुनाव: सोनिया गांधी को मनाने के लिए रायबरेली से दिल्ली पहुंचे समर्थक, भाजपा ने किया तंज
राज्यसभा से नामांकन के बाद सोनिया गांधी अब रायबरेली से चुनाव में नहीं उतरेगीं। उनके इस फैसले से कई कांग्रेसी आहत हुए हैं। कुछ समर्थक उन्हें मनाने के लिए दिल्ली तक पहुंच गए।
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सोनिया गांधी ने राज्यसभा से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इसी के साथ यह साफ हो गया है कि वह रायबरेली लोकसभा क्षेत्र से चुनाव में नहीं लड़ेगीं। सास की राजनीतिक विरासत को सोनिया गांधी ने बखूबी संभाला। रायबरेली की लाडली बहू का क्षेत्र से रिश्ता धीरे-धीरे प्रगाढ़ होता गया। दिल्ली में रहकर भी उन्होंने खुद को यहां से जोड़े रखा। जड़ों से जुड़ी रहीं। हर सुख-दुख में साथ खड़ी रहीं। अब वह राजस्थान से राज्यसभा जा रही हैं तो समर्थक दुखी हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो सोनिया को मनाने दिल्ली तक पहुंच गए। ऐसे में सोनिया ने भी उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान किया और अपनत्व जताने के लिए रायबरेली के नाम पत्र लिख जताया कि चाहे जहां भी रहें, उनका रायबरेली से जुड़ाव सदा रहेगा। पूर्ववत ही रहेगा।
2020 के बाद से रायबरेली नहीं आईं
बात 29 दिसंबर रात की है। ऊंचाहार के पूर्व कांग्रेस विधायक अजयपाल सिंह के बेटे अर्नोराज सिंह ने अरखा महल में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस बीच सोनिया बिना किसी पूर्व सूचना के प्रियंका गांधी के साथ 5 जनवरी 2020 को ऊंचाहार में अजय पाल सिंह के घर पहुंच गई थीं। इसके बाद वह रायबरेली नहीं आ सकीं।
भाजपा का तंज-गांधी परिवार का अब यूपी से औपचारिक संबंध नहीं
सोनिया के राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामांकन करने पर भाजपा ने कटाक्ष किया कि कांग्रेस को रायबरेली से उनकी हार का डर सता रहा है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, अब गांधी परिवार का उत्तर प्रदेश के साथ औपचारिक रूप से कोई संबंध नहीं रहेगा। पहले वे अमेठी हार गए और अब उन्हें पता चला कि शायद रायबरेली में भी सीट हार जाएं।