मायावती ने चुनाव आयोग के खिलाफ खोला मोर्चा, पूछा योगी आदित्यनाथ पर इतनी मेहरबानी क्यों
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आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में प्रचार पर 48 घंटे की पाबंदी की समय सीमा खत्म होते ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर मेहरबानी क्यों की जा रही है?
आयोग के प्रतिबंध की समय सीमा बृहस्पतिवार सुबह 6 बजे खत्म हो गई। मायावती ने 10 बजे के बाद लगातार कई ट्वीट कर आयोग पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आयोग की पाबंदी का खुला उल्लंघन करके मुख्यमंत्री योगी शहर-शहर मंदिरों में जाकर और दलित के घर खाना खाने का ड्रामा कर उसे प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। ऐसा करके वे चुनावी लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन आयोग उनके प्रति मेहरबान है।
उन्होंने सवाल किया कि आयोग की योगी पर ऐसी मेहरबानी क्यों है? अगर आयोग का ऐसा ही भेदभाव व बीजेपी नेताओं के प्रति मेहरबानी जारी रहेगी तो चुनाव आयोग का स्वतंत्र व निष्पक्ष होना असंभव है। बीजेपी नेतृत्व की मनमानी जारी है। आयोग को बताना चाहिए ऐसा क्यों हो रहा है? सत्ताधारी पार्टी पर आयोग की पकड़ सख्त होगी तभी जनविश्वास पैदा होगा।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की यह संतुष्टि काफी अहम है कि चुनाव आयोग उतना लाचार नहीं है जितना वह अपने आप को साबित कर रहा है लेकिन इस तथ्य की सही जांच व परख होनी बाकी है कि आयोग निष्पक्षता से काम कर रहा है और केंद्र के आगे नतमस्तक नहीं है।
दूसरे चरण के मतदान से भाजपा घबराई
मायावती ने कहा कि दूसरे चरण के मतदान से बीजेपी व पीएम मोदी उसी तरह घबराए हैं जैसे पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस व्यथित व व्याकुल थी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की जुबान लगातार बेलगाम हो रही है। मोदी का विपक्ष पर यह आरोप अमर्यादित है कि विपक्ष उन्हें गाली दे रहा है।
उन्होंने सलाह दी कि एक दूसरे पर टिप्पणी करने में शालीनता की सीमा न लांघी जाए। इससे भाजपा को अपनी कमजोरी छिपाने व लोगों को बरगलाने का मौका मिल जाता है।