गिरते मतदान का समाधान बना सभी दलों के लिए चुनौती, दांव पर सियासी दलों की साख
- पश्चिम से पूरब की तरफ बढ़ा चुनाव तो गिरता गया मतदान
- वोटरों को बूथों तक पहुंचाने में दांव लगी सियासी दलों की रणनीति
- सभी दलों के सामने मतदान बढ़ाने की चुनौती
विस्तार
जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ रहा है, वोटरों का उत्साह घटता जा रहा है। पहले चरण से तुलना करें तो छठे चरण में 9.45 फीसदी कम मतदाता बूथों पर ईवीएम का बटन दबाने पहुंचे। बदन झुलसा देने वाली गर्मी में सियासी दलों के सामने अब आखिरी चरण में मतदाताओं को पोलिंग बूथों तक ले जाने की बड़ी चुनौती है। 19 मई को प्रदेश की 13 लोकसभा सीटों पर सातवें और आखिरी चरण का मतदान होगा।
प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों पर सात चरणों में चुनाव कराने का कार्यक्रम जारी किया गया था। अब तक 6 चरणों में 67 सीटों पर वोट पड़ चुके हैं। मतदान की शुरुआत पश्चिमी यूपी से हुई और समापन पूर्वी उत्तर प्रदेश में होने जा रहा है।
मतदान के रुझान से साफ है कि जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ता जा रहा है, वोट प्रतिशत में गिरावट आ रही है। पश्चिमी यूपी में पहले, दूसरे और तीसरे चरण में क्रमश: 8, 8 और 10 सीटों पर मतदान हुआ। तीनों ही चरणों में मतदाता फर्स्ट डिवीजन से पास हुए।
पहले चरण में 63.88 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया तो दूसरे चरण में यह तादाद गिरकर 62.39 प्रतिशत रह गई। तीसरे चरण में 61.42 फीसदी वोटरों ने पोलिंग बूथों तक पहुंचकर ईवीएम का बटन दबाया।
इसके बाद के तीनों चरणों में मतदाता सेकंड डिवीजन से पास हुए। चौथे चरण में 59.01 प्रतिशत, पांचवें चरण में 58.02 और छठे चरण में केवल 54.43 फीसदी वोटरों ने मताधिकार का प्रयोग किया।
आखिरी चरण में सबसे सघन प्रचार, नेताओं ने डाला डेरा
आखिरी चरण में सबसे सघन प्रचार चल रहा है। प्रदेश ही नहीं, देश भर के नेता पूर्वांचल में डेरा डाले हुए हैं। सभी दलों के सांसद, विधायक, प्रमुख नेता पूर्वांचल के गांवों की खाक छान रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की सर्वाधिक सभाएं इसी क्षेत्र में हुई हैं।
रालोद अध्यक्ष अजित सिंह भी कई सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत उनकी पार्टी के तमाम नेता पूर्वांचल में हैं। भीषण गर्मी में सभी दलों के नेताओं के दौरों से पूर्वांचल का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। अब सबसे बड़ी चुनौती वोटरों को बूथों पर पहुंचाने की है ताकि मतदान गिरने के रुझान को रोका जा सके।
मोदी समेत कई नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर
सातवें चरण का मतदान इसलिए भी अहम हो गया है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। पीएम मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ रहे हैं। इससे सटी हुई चंदौली सीट पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, गाजीपुर में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, मिर्जापुर से केंद्रीय राज्यमंत्री व अपना दल प्रत्याशी अनुप्रिया पटेल चुनाव मैदान में हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले और उनकी परंपरागत गोरखपुर लोकसभा सीट पर इसी चरण में वोट पड़ेंगे। इसके अलावा भोजपुरी स्टार रवि किशन, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी समेत कई मौजूदा व पूर्व सांसदों की किस्मत का फैसला भी 19 मई को होगा।
महराजगंज, चंदौली रहे थे अव्वल
वोटिंग में सहारनपुर अव्वल, फूलपुर फिसड्डी
पिछले छह चरणों में सहारनपुर में सर्वाधिक 70.82 प्रतिशत तथा फूलपुर में सबसे कम 48.53 फीसदी वोट पड़े हैं। इन दोनों सीटों पर क्रमश: पहले और छठे चरण में मतदान हुआ।
इस तरह घटा मतदान का रुझान
- पहला 8 63.88
- दूसरा 8 62.39
- तीसरा 10 61.42
- चौथा 13 59.01
- पांचवां 14 58.02
- छठा 14 54.43