मेट्रो का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी
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राजधानी में मेट्रो रेल परियोजना के लिए एलएमआरसी ने बोगियों का डिजाइन फाइनल कर दिया है। अब कलर कांबिनेशन तय होना बाकी है।
इसके बाद एलएमआरसी बोगियों के उत्पादन को हरी झंडी दे देगा। मेट्रो के बोगी चेन्नई में बनेंगे। पहली ट्रेन अक्तूबर तक राजधानी आ जाएगी।
राजधानी के तापमान के हिसाब से ही मेट्रो की बोगियों का निर्माण किया जा रहा है। दरअसल एल्स्ट्राम लिमिटेड पहली बार लखनऊ जैसे अलग-अलग मौसम वाले शहर में मेट्रो के लिए रोलिंग स्टॉक का निर्माण कर रहा है।
यहां न तो दक्षिण भारत के शहरों की तरह की साल भर वाली आर्द्रता है और न ही यूरोपीय देशों जैसी ठंड। एलएमआरसी के प्रबंध निदेश कुमार केशव ने बताया कि बस अब कलर कांबिनेशन ही पास होना है। डिजाइन तैयार है।
नार्थ-साउथ कॉरिडोर में कुल 20 ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। मगर बढ़ती जरूरतों के हिसाब से साल 2041 तक के लिए कुल 41 ट्रेनों की व्यवस्था होगी।
तापमान के हिसाब से एयरकंडीशन सिस्टम को करेंगे इंस्टॉल
एक ट्रेन में चार बोगी होंगी। फिलहाल एलएमआरसी ने 80 बोगी और 20 ट्रेन के निर्माण का जिम्मा कंपनी को सौंपा है। सभी ट्रेनें नार्थ-साउथ कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा होते ही एलएमआरसी को मिल जाएंगी।
एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि राजधानी के तापमान के हिसाब से बोगियों में एयरकंडीशन सिस्टम को इंस्टॉल किया जाएगा।
मेट्रो रेल परियोजना के लिए राज्य सरकार ने अपने अंशदान (एक्विटी) के 1003 करोड़ में से 150 करोड़ रुपये और जारी कर दिए हैं।
इस तरह से इस साल पिछले 370 करोड़ रुपये के बाद अब तक सरकार की ओर से कुल 520 करोड़ रुपये एलएमआरसी को दिए जा चुके हैं। अगले साल के लिए सरकार ने 814 करोड़ रुपये पहले ही बजट में अनुमोदित किए हैं।
आवास विभाग के हवाले से एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एलएमआरसी को ट्रांसपोर्टनगर से मुंशीपुलिया मेट्रो रूट के लिए राज्य सरकार से 1003 करोड़ रुपये मिलने हैं। जिसमें 370 करोड़ रुपये पहले ही मिल चुके थे, 150 करोड़ रुपये की इक्विटी अब जारी कर दी गई है।