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Lucknow News: गंगोत्री हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित
Sun, 22 Sep 2024 04:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 22 Sep 2024 04:32 AM IST
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रायबरेली। डीह थाना क्षेत्र के मटियारा चौराहा स्थित ऊं गंगोत्री हॉस्पिटल के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है। सिजेरियन प्रसव के बाद प्रसूता की मौत के मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही पकड़ में आने के बाद सीएमओ ने कार्रवाई की है। अस्पताल खोलने पर पूरी तरह से रोक लगाने के साथ ही अंतिम जांच के लिए कमेटी भी गठित कर दी गई है।
परशदेपुर क्षेत्र के वीरपुर मजरे बरावां गांव निवासी अनिल कुमार ने बीती 14 सितंबर को पत्नी संजू देवी (27) को मटियारा चौराहा स्थिति ऊं गंगोत्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। सिजेरियन प्रसव के बाद लखनऊ में इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी। मृतका के पति की तहरीर पर डीह थाने में आशा बहू, गंगोत्री हॉस्पिटल के डॉक्टर व प्रबंधक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीएमओ के आदेश पर एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार की जांच में प्रथम दृष्टया अस्पताल संचालक की लापरवाही पकड़ में आई है। 14 सितंबर की अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट अच्छी होने व प्रसूता के शरीर पर पर्याप्त ब्लड होने के बाद भी सिजेरियन प्रसव कर दिया गया। इस संबंध में संचालक ने अब तक जवाब नहीं दिया है।
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अमर उजाला ने बीती 19 सितंबर के अंक में जांच में गंगोत्री हॉस्पिटल का संचालक दोषी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। प्रथम दृष्टया लापरवाही का मामला पकड़ में आने के बाद सीएमओ ने गंगोत्री हॉस्पिटल के लाइसेंस को अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया है। अस्पताल में चिकित्सीय सेवाओं को रोक दिया गया है। जांच के लिए अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर जल्द ही रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं, जिससे लाइसेंस को निरस्त किया जा सके।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में गंगोत्री हॉस्पिटल की लापरवाही मिली है। लाइसेंस को निलंबित कर चिकित्सीय सेवाओं को रोक दिया गया है। कमेटी को जांच पूरी करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
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परशदेपुर क्षेत्र के वीरपुर मजरे बरावां गांव निवासी अनिल कुमार ने बीती 14 सितंबर को पत्नी संजू देवी (27) को मटियारा चौराहा स्थिति ऊं गंगोत्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। सिजेरियन प्रसव के बाद लखनऊ में इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी। मृतका के पति की तहरीर पर डीह थाने में आशा बहू, गंगोत्री हॉस्पिटल के डॉक्टर व प्रबंधक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सीएमओ के आदेश पर एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार की जांच में प्रथम दृष्टया अस्पताल संचालक की लापरवाही पकड़ में आई है। 14 सितंबर की अल्ट्रासाउंड जांच रिपोर्ट अच्छी होने व प्रसूता के शरीर पर पर्याप्त ब्लड होने के बाद भी सिजेरियन प्रसव कर दिया गया। इस संबंध में संचालक ने अब तक जवाब नहीं दिया है।
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अमर उजाला ने बीती 19 सितंबर के अंक में जांच में गंगोत्री हॉस्पिटल का संचालक दोषी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। प्रथम दृष्टया लापरवाही का मामला पकड़ में आने के बाद सीएमओ ने गंगोत्री हॉस्पिटल के लाइसेंस को अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया है। अस्पताल में चिकित्सीय सेवाओं को रोक दिया गया है। जांच के लिए अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर जल्द ही रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं, जिससे लाइसेंस को निरस्त किया जा सके।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में गंगोत्री हॉस्पिटल की लापरवाही मिली है। लाइसेंस को निलंबित कर चिकित्सीय सेवाओं को रोक दिया गया है। कमेटी को जांच पूरी करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।