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Lucknow News: तुला संक्रांति दोष... विवाह मुहूर्त के लिए करना होगा इंतजार

Sat, 25 Oct 2025 01:09 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Oct 2025 01:09 AM IST
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Libra Sankranti Dosha... One will have to wait for the auspicious time for marriage
तुला संक्रांति दोष... विवाह मुहूर्त के लिए करना होगा इंतजार
लखनऊ। देवउठनी एकादशी के बाद भी इस बार बैंड-बाजा-बरात के लिए इंतजार करना पड़ेगा। एक नवंबर को देवउठनी एकादशी है मगर 16 नवंबर तक तुला संक्रांति दोष के चलते 20 नवंबर तक विवाह के लिए मुहूर्त नहीं है। शुक्र अस्त के चलते शादियों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में 21 नवंबर से शादियों के लिए शुभ मुहूर्त की शुरुआत होगी जो 6 दिसंबर तक रहेंगे।
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कृष्णानगर स्थित आशुतोष महादेव मंदिर के पुजारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवोत्थानी एकादशी और प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि एक नवंबर को सुबह 9:11 शुरू होगी और दो नवंबर को सुबह 7:31 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार, इस वर्ष देवउठनी एकादशी का व्रत एक नवंबर को रखा जाएगा। इस दिन चातुर्मास समाप्त होता है। इस दिन भगवान विष्णु जो क्षीर-सागर में सोए हुए थे, वे जागते हैं। इसके साथ ही मांगलिक कार्य शुरू किए जाते है। इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और तुलसी की विशेष पूजा व व्रत किया जाता है।
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दो नवंबर को तुलसी जी का विवाह शालिग्राम से होगा। देवउठनी एकादशी पर व्रती स्त्रियां सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर आंगन में भगवान विष्णु के चरणों को कलात्मक रूप से अंकित करती है। एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्याेदय के बाद पारण किया जाता है। देवउठनी एकादशी के दिन दान-पुण्य करने से व्यक्ति के घर में शुभता का आगमन होता है।
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ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि आठ जून के बाद विवाह, मुंडन, जनेऊ धारण और गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य रुक गए थे, जो प्राय: देवउठनी एकादशी के बाद प्रारंभ होते हैं। देवउठनी एकादशी एक नवंबर को है लेकिन 16 नवंबर तक तुला संक्रांति दोष के चलते शुद्ध विवाह मुहूर्त 21 नवंबर से शुरू होंगे और 6 दिसंबर तक विवाह के लग्न मिलेंगे। विवाह मुहूर्त में गुरु, शुक्र अस्त का भी विचार किया जाता है। 12 दिसंबर 2025 को शुक्र 52 दिन के लिए अस्त हो जाएंगे और एक फरवरी 2026 को शुक्र उदय होंगे। 16 दिसंबर से एक माह सूर्य की धनु संक्रांति के कारण खरमास शुरू हो जाएगा, उसमें भी विवाह आदि कार्य नहीं होते है। पांच फरवरी 2026 के बाद विवाह आदि कार्य शुरु होंगे। नववर्ष 2026 में 54 शुभ विवाह मुहूर्त मिलेंगे। 14 मार्च के बाद एक माह के लिए मीन खरमास लग जाएगा, उसमें भी मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। 2026 में 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी होगी और चातुर्मास शुरू होगा। 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के बाद विवाह कार्य शुरू होंगे।

इस वर्ष विवाह मुहूर्त

नवंबर - 21, 22, 23, 24 ,25, 26, 30
दिसम्बर - 1, 4, 5, 6

2026 में विवाह मुहूर्त

फरवरी - 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21
मार्च - 7, 8, 9 ,11, 12

अप्रैल -15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 27, 28, 29
मई -1,3 , 5 ,6, 7, 8 , 13, 14

जून -21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29
जुलाई -1, 6, 7, 11, 12

नवंबर -21, 24, 25, 26
दिसंबर -2, 3 , 4, 5,6
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