10 जुलाई से लखनऊ में विवादित प्लॉट के बदले मिलेंगे फ्लैट
एलडीए में विवादित प्लॉटों के आवंटियों को फ्लैट देने की योजना के संबंध में प्राधिकरण उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह ने आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही इसके नियम भी बना दिए गए हैं।
10 अगस्त तक जो भी आवंटी इस योजना के तहत आवेदन नहीं करेंगे उनको ब्याज सहित अपना धन वापस लेने का प्रस्ताव दिया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों की कमेटी का भी गठन कर दिया गया है।
मंगलवार को इस योजना के लिए कार्यालय आदेश कर दिया गया। प्राधिकरण इच्छुक आवेदकों को प्लॉट के बदले सीधे ही फ्लैट आवंटित कर देगा। ऐसे फंसे हुए आवंटियों को ये ऑफर 10 जुलाई तक भेज दिया जाएगा।
उनका जितना धन जमा है वो, और धन जबसे जमा है तबसे करीब 9 फीसदी सालाना की दर से ब्याज से जो भी पैसा दिया जाएगा उसको फ्लैट की कुल कीमत में समायोजित कर देगा।
सैकड़ों फ्लैट हैं विवादित
बकाया धन का भुगतान आवंटी को करना पड़ेगा। ब्याज के भुगतान में जो नुकसान प्राधिकरण को होगा, उसकी रिकवरी प्लॉट देने में हुई देरी के दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन से की जाएगी। इस स्कीम का फायदा तो राजधानी में कम से कम दो हजार आवंटियों को मिल सकता है।
जिसकी शुरुआत गोमती नगर विस्तार के 319 आवंटियों से होगी। प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में सालों से सैकड़ों प्लॉटों का विवाद चल रहा है। इनकी तीन श्रेणी हैं। पहली जिनका निबंधन भी एलडीए कर चुका है।
दूसरा जिनका आवंटन के बाद पूरा धन सालों से एलडीए में जमा है मगर निबंधन नहीं हुआ है। तीसरे नंबर पर वे आवंटी हैं, जिनका आवंटन के बाद 25 से 50 फीसदी धन जमा हो चुका है, मगर प्लॉट पर कब्जा और रजिस्ट्री दोनों ही नहीं हो सकी है।
ऐसे में इन सभी मामलों का निस्तारण करने के लिए एलडीए अब प्लॉट के बदले फ्लैट स्कीम को लागू करने जा रहा है।