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700 करोड़ से बदलेगी गंजरिया की सूरत
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 23 Jul 2013 03:06 PM IST
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चक गंजरिया फार्म में कई विभागों की परियोजनाओं के लिए ढांचागत विकास का काम प्राधिकरण करेगा। इसमें करीब 700 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह बजट एलडीए अपने हिस्से की 550 एकड़ जमीन को बेचकर जुटाएगा।
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परियोजनाओं के विकास के बाद जो बजट बचेगा उसे मेट्रो रेल परियोजना में लगाया जाएगा। इस परियोजना का पूरा खाका कंसलटेंट कंपनी अपनी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में पेश करेगी। यह डीपीआर अगले दो महीने में तैयार हो जाएगी।
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चक गंजरिया फार्म परियोजना के लिए कंसलटेंट का चयन कर लिया गया है। जेपी सेंटर के लिए वास्तुविद् फर्म ब्रॉडवे ऑरकॉन को यह जिम्मेदारी दी गई है। चक गंजरिया फार्म की करीब 850 एकड़ भूमि में आईटी सिटी, मेडिसिटी और प्राधिकरण की योजनाएं साकार होंगी।
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ढांचागत विकास में सहयोग करने के लिए कंसलटेंट का चयन किया जा रहा है। यही कंसलटेंट अलग-अलग विभागों की परियोजनाओं के लिए आउटर डवलपमेंट का खाका भी खींचेगा।
आर्किटेक्ट कंपनी इस परियोजना की डीपीआर बनाएगी। इसमें करीब दो महीने का समय लगेगा। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा इस परियोजना के वाह्य विकास पर आने वाला खर्च है।
प्राधिकरण के मुख्य अभियंता आरके शुक्ल का मानना है कि 850 एकड़ के हिसाब से वाह्य विकास का आदर्श खर्च कम से कम 700 करोड़ रुपये का है।