नक्शा पास नहीं होने की वजह से अटक गए सैंकड़ों मकान
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महायोजना 2031 में शामिल 197 गांवों में सैंकड़ों ऐसे लोग हैं,जो अपना मकान बनवाना चाहते हैं। एक अदद आशियाने के उनके सपनों पर महायोजना 2031 तैयार करने में हो रही लेटलतीफी भारी पड़ रही है।
बड़ी संख्या में पीड़ित एलडीए की दौड़ लगा रहे हैं,लेकिन नक्शा पास नहीं हो रहा। हर बार प्राधिकरण के अधिकारी उन्हें टालमटोल कर लौटा देते हैं। पीड़ितों का कहना है कि न तो अभियंता नक्शा पास करने से सीधे इन्कार कर रहे हैं और न ही आवेदन निस्तारित कर रहे हैं।
वहीं एलडीए अफसरों का कहना है कि बिना मास्टर प्लान स्वीकृति के जिला पंचायत कार्यक्षेत्र में आने वाली भूमि पर नक्शा पास करना उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर की बात है।
डेढ़ साल बीत चुके हैं,लेकिन मास्टर प्लान बनाने का काम पूरा नहीं हुआ। एलडीए ने इसे तैयार करने का जिम्मा ग्राम्य एवं नगर नियोजन विभाग को दिया था। विभाग का कहना है कि 80 फीसदी काम हो चुका है,शेष काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
मास्टर प्लान मिलने के बाद पास होगा नक्शा
गौरतलब है कि महायोजना में समायोजित होने वाले गांव क्षेत्रों में भवन निर्माण नक्शा जारी किए जाने को लेकर बीते वर्ष 2014 में जिला पंचायत व एलडीए के बीच विवाद लंबा चला था।
इसके बाद शासन ने जुलाई 2014 में जिला पंचायत के भवन निर्माण संबंधी नक्शे जारी करने पर सीधे तौर से रोक लगा दी थी। मानचित्र पास करने का अधिकार प्राधिकरण को दिया गया था।
एलडीए के मुख्य नगर नियोजक जेएन रेड्डी ने बताया कि ग्राम्य एवं नगर नियोजन विभाग को मास्टर प्लान-2031 बनाने की जिम्मेदारी प्राधिकरण ने दी है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि 80 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है।
बहुत जल्द ही हमको मास्टर प्लान मिल जाएगा। इसके बीच में कुछ बड़े मानचित्र जरूर पास किए जा रहे हैं। बाकी मास्टर प्लान अनुमोदित होने के बाद मानचित्र पास किए जाएंगे।