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होटल अग्निकांड में सात मौतों के लिए एलडीए व फायर विभाग जिम्मेदार, 13 के खिलाफ भेजी जाएगी चार्जशीट

Thu, 25 Jul 2019 05:01 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 25 Jul 2019 05:01 PM IST
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LDA and fire department is responsible in naka hotel fire case.
- फोटो : amar ujala

19 जून 2018 को नाका के होटलों एसएसजे इंटरनेशनल व विराट इंटरनेशनल में अग्निकांड की मजिस्ट्रेट जांच पूरी हो गई है। इसमें होटल संचालकों के साथ एलडीए व फायर विभाग को सात बेकसूरों की मौत का जिम्मेदार माना गया है।

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वहीं, बिना लाइसेंस होटल के बेसमेंट में चल रहे बार के लिए आबकारी विभाग के पूर्ति निरीक्षक के साथ नाका पुलिस को भी निगरानी में शिथिलता का दोषी माना गया है। हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट कार्रवाई की संस्तुति के साथ सिटी मजिस्ट्रेट गिरजेश चौधरी ने डीएम कौशल राज शर्मा को सौंप दी है।
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एक साल से अधिक समय तक चली जांच एक दर्जन से अधिक विभागों के जिम्मेदारों के साथ होटल के स्टाफ, हादसे के बाद होटल में ठहरे सुरक्षित अतिथियों, घायलों का इलाज करने वाले डॉक्टरों से पूछताछ व दर्ज बयान की मदद से पूरी की गई।
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ध्वस्त करने के आदेश पर भी मेहरबान रहा एलडीए
रिपोर्ट में सामने आया कि एसएसजे इंटरनेशनल के संचालक ने स्वीकृत कराए मानचित्र परमिट संख्या 30101 से इतर अवैध निर्माण कराया। मामले में विहीत प्राधिकारी की ओर से निर्माण का अवैध हिस्सा ध्वस्त करने का आदेश भी दिया गया था। इसी तरह विराट इंटरनेशनल के संचालक की ओर से कराए अवैध निर्माण को 28 नवंबर 2010 को ध्वस्त करने का आदेश जारी हुआ। हालांकि, इसके बावजूद एलडीए के जिम्मेदारों ने अवैध निर्माण ढहाने की कोशिश तक नहीं की।

आग से सुरक्षा के नहीं थे इंतजाम

घटना की मजिस्ट्रेट जांच में यह भी पता चला कि दोनों होटल बिना फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र के चल रहे थे। फायर सेफ्टी मानकों से जुड़े प्रमाणपत्र की अवधि अग्निकांड से एक साल पहले ही खत्म हो चुकी थी। इसके बावजूद अग्निशमन विभाग ने कभी भी दोनों होटलों में जाकर सुरक्षा मानक परखने की न जरूरत समझी और न ही नोटिस जारी किया।

बिना लाइसेंस परोसी जा रही थी शराब
एसएसजे इंटरनेशनल होटल संचालक ने अस्थायी तौर पर बेसमेंट में बार चलाने का लाइसेंस लिया था। इसकी अवधि 20 दिसंबर 2017 से 31 मार्च 2018 तक ही थी। हालांकि, लाइसेंस अवधि खत्म हो जाने के बाद भी होटल में अवैध तरीके से बार चलता रहा। आग भड़काने में इसने सबसे अहम भूमिका निभाई। होटल विराट इंटरनेशनल में बार का संचालन नहीं पाया गया।

मौत का कारण दमघोंटू धुआं व दहशत
डॉक्टरों ने बताया कि मौत धुएं व दहशत से दम घुटने व हार्ट अटैक के कारण हुई।

जिम्मेदारों की ढिलाई बनी हादसे का सबब

22 पन्नों की रिपोर्ट में जांच व दर्ज बयान के आधार पर माना गया कि यदि एलडीए ध्वस्तीकरण के आदेश का अनुपालन समय पर करा देता और अग्निशमन विभाग फायर सेफ्टी के मानकों का पालन कराता तो हादसे को रोका जा सकता था। आबकारी विभाग ने भी बिना लाइसेंस चल रहे बार को बंद कराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की।

वहीं, नाका थाने के प्रभारी निरीक्षक ने भी होटल चलाने के मानकों की जांच के निरीक्षण में ढिलाई बरती। इसके अलावा एसएसजे इंटरनेशनल के संचालक सुरेंद्र कुमार जायसवाल व विराट इंटरनेशनल के संचालक सुरक्षा एनओसी लिए बिना होटल चलाने के कारण घटना के लिए सीधे तौर पर दोषी व जिम्मेदार साबित होते हैं।

डीएम कौशल राज शर्मा का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट जीके चौधरी ने होटल अग्निकांड की अंतिम रिपोर्ट तैयार कर सौंपी है। इसमें मुख्य तौर से हादसे के लिए एलडीए, अग्निशमन, आबकारी व नाका पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली को जिम्मेदार मानते हुए दोषी पाया गया है। संबंधित विभागों के जिम्मेदारों को चिह्नित करते हुए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर दंड की संस्तुति शासन से होगी।

13 इंजीनियर, ब्यूरोक्रेट्स के खिलाफ चार्जशीट भेजेगा एलडीए

नाका होटल अग्निकांड में एलडीए एक आईएएस सहित 13 प्रशासनिक अधिकारी और इंजीनियरों के खिलाफ चार्जशीट बृहस्पतिवार को आवास विभाग को भेजेगा। तीन एलडीए कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई होनी है।

प्रभारी अधिष्ठान व वित्त नियंत्रक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि एडीजी राजीव कृष्णा व वीसी प्रभु एन सिंह की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए तत्कालीन स्टाफ पर कार्रवाई होनी है। इनमें कुछ की नियुक्ति यूपी सरकार से सीधे है। ऐसे में चार्जशीट आवास विभाग को भेजी जा रही है। वहीं, जिन बाबू व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति एलडीए से है, उनके खिलाफ निलंबन व अग्रिम जांच की कार्रवाई विभागीय होगी।
 
इन्हें पाया गया दोषी
एलडीए में तैनात रहे और होटल अवैध रूप से बनने देने के दोषी पाए गए अवर अभियंता गजराज सिंह यादव, मोहनचंद्र सती, धन्नीराम, लालजी शुक्ला, जनार्दन सिंह, सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार, अजय कुमार, अजीत कुमार, अधिशाषी अभियंता डीसी यादव, प्रदीप कुमार, माम चंद्र, विहित प्राधिकारी वीरेंद्र कुमार पांडेय, राकेश कुमार मिश्र (अब आईएएस अधिकारी) के खिलाफ चार्जशीट आवास विभाग को जाएगी। नोटिस सर्वर शिव प्रसाद तिवारी, अवर वर्ग सहायक महेंद्र प्रताप सिंह, पेशकार बालकराम पर कार्रवाई एलडीए खुद करेगा।

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