'परशुराम की मूर्ति स्थापना सपा का एजेंडा नहीं, पार्टी से जुड़े उनके वंशज करवा रहें ये काम'
समाजवादी पार्टी की ओर से प्रदेश भर में परशुराम की मूर्तियां लगवाने की घोषणा पर पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटन राम निषाद ने कहा कि यह समाजवादी पार्टी का एजेंडा नहीं है। मूर्ति स्थापना में पार्टी से जुड़े कुछ परशुराम के वंशज जुटे हैं।
लौटनराम का आरोप है कि सपा के पक्ष में पिछड़ों, अनुसूचित जाति के लोगों की एकजुटता देख भाजपा व आरएसएस परेशान है। वे छल-कपट, झूठ-फरेब व भ्रमित करने के षड्यंत्र में जुटे हैं।
उन्होंने कहा कि आरक्षण के जनक छत्रपति शाहू जी महाराज, महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने वाले ज्योतिबा फूले, सावित्री बाई फूले, वयस्क मताधिकार दिलाने वाले राम चरण लाल निषाद, राम प्रसाद अहीर, बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल, जननायक कर्पूरी ठाकुर, पेरियार ईवी रामा स्वामी नायकर, स्वामी ब्रह्मानंद लोधी जैसे तमाम नायक पिछड़ों, अनुसूचित जाति-जनजाति के मुक्तिदाता हैं।
मंडल कमीशन विरोधी भाजपा कभी भी पिछड़ों की हितैषी नहीं हो सकती
भाजपा व कांग्रेस के डीएनए में पिछड़े वर्ग के लिए न्याय का अंश नहीं है। मंडल कमीशन के तहत जब राष्ट्रीय मोर्चा सरकार ने 7 अगस्त 1990 को ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण कोटे का निर्णय लिया तो भाजपा ने सरकार से समर्थन वापस लेने के लिए आडवाणी को राम रथ पर सवार कर अयोध्या का मुद्दा उछाल दिया। मंडल कमीशन विरोधी भाजपा कभी पिछड़े वर्ग की हितैषी नहीं हो सकती। भाजपा व कांग्रेस ओबीसी की जनगणना के खिलाफ हैं।