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यूपी में हाइटेक टाउनशिप योजना में ग्राम समाज की जमीन लेने की तैयारी, संशोधित नीति तैयार

Tue, 16 Mar 2021 10:15 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 16 Mar 2021 10:15 PM IST
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Land of gram samaj will be taken for hitech township in Uttar Pradesh.
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में अधूरी हाइटेक टाउनशिप योजनाओं में जमीन या फ्लैट लेने वालों को सुविधा देने के लिए जल्द ही संशोधित नीति लागू करने की तैयारी है। इसमें योजना के दायरे में आने वाले ग्राम समाज की भूमि को भी लाया जाएगा। इसके लिए संशोधित नीति को जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी है। सरकार की अनुमति मिलने के बाद हाइटेक टाउनशिप की योजनाओं को तय समय में पूरा करना अनिवार्य होगा।

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दरअसल, लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद व नोएडा समेत कई शहरों में हाइटेक टाउनशिप योजना शुरू की गई थी। सरकार ने कुल 13 योजनाओं के लाइसेंस जारी किए थे, लेकिन लाइसेंस लेने के बाद भी 6 बिल्डरों ने काम शुरू नहीं किया। 7 बिल्डरों ने काम शुरू तो किया, लेकिन जमीन की व्यवस्था नहीं कर पाए। ऐसे में ये योजनाएं अधूरी हैं। जिन बिल्डरों ने काम शुरू किया था, उन्होंने प्लॉट या फ्लैट की बुकिंग करके पैसे भी जुटा लिए थे, पर न तो फ्लैट दे पाए और न ही प्लॉट। लिहाजा बुकिंग कराने वाले आवंटी परेशान हैं।
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बिल्डर भी योजनाओं को पूरा करने के और अधिक समय और योजना के दायरे में आने वाले ग्राम समाज की जमीन को उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। इसी के मद्देनजर इन योजनाओं को पूरा करने के लिए समय सीमा बढ़ाने के साथ ही अनुमति देने का फैसला किया गया है। लेकिन यह अनुमति शर्तों के आधार पर दी जाएगी।

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जमीन की सीमा कम करने पर भी होगा विचार

योजनाओं को पूरा करने में जमीन उपलब्धता के मुद्दे को सुलझाना प्राथमिकता है। इसके लिए सरकार योजना के लिए 1500 एकड़ जमीन की सीमा को कम करने पर विचार करेगी। हालांकि सीमा में कमी संबंधित विकास प्राधिकरणों से परीक्षण कराने के बाद किया जाएगा। संशोधित नीति आने के बाद बिल्डर को तीन माह में संशोधित डीपीआर प्राधिकरणों में जमा करना होगा।

पांच साल में पूरी करनी होगी परियोजना
परियोजना की भूलभूत भौतिक एवं सामाजिक अवस्थापना सुविधाओं के विकास से युक्त क्षेत्र को विकसित या अविकसित के रूप से परिभाषित किया जाएगा। हाइटेक टाउनशिप योजना में बिल्डरों को पांच साल का समय और दिया जाएगा। प्रत्येक चरण का विस्तृत ले-आउट प्लान तभी स्वीकृत किया जाएगा। मूलभूत सुविधाओं विशेषकर बिजलीघर और एसटीपी का प्रस्ताव बिल्डर के स्वामित्व वाली जमीन पर होगा। भौतिक व सामाजिक अवस्थापना सुविधाओं का प्रावधान भी होगा।

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