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गंभीर लापरवाही: खराब हेडलाइट वाली बस से मजदूरों को भेजा आजमगढ़
Sat, 30 May 2020 04:35 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 30 May 2020 04:35 PM IST
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रोडवेज प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने के दावे कर रहा है। लेकिन गुरुवार को गंभीर लापरवाही सामने आई, जब रोडवेज का संविदा चालक खराब हेड लाइट वाली बस में सवार 44 श्रमिकों को लेकर अंधेरे में ही आजमगढ़ के लिए रवाना हो गया। गनीमत रही कि रास्ते में कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन श्रमिकों की नाराजगी के बाद मामला अवध बस डिपो पहुंचा। अब मामले में ड्राइवर की लापरवाही मानते हुए उस पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
अवध बस डिपो की एसी जनरथ बस यूपी 33 एटी 5856 का चालक गुरुवार रात करीब आठ बजे खराब हेडलाइट वाली बस को 260 किलोमीटर दूर आजमगढ़ ले गया। उसने करीब सात घंटे के सफर में 44 श्रमिकों की जान जोखिम में डाल दी। रास्ते भर श्रमिक चालक से इसपर नाराजगी भी जताते रहे।
मगर चालक का आरोप है कि फोरमैन ने बस को ओके करने के बाद दिया है। बस की जांच में बैटरी और अल्टरनेटर भी काम नहीं कर रहा था। जब उसने बस ले जाने से मना किया तो फोरमैन ने उसे जबरन बस ले जाने के लिए कहा। इतना ही नहीं स्टेशन पर बस को धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ा था।
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इस मामले में अवध डिपो के एआरएम गोपाल दयाल ने बताया कि बस की लाइट ठीक नहीं थी। इसलिए ड्राइवर को बस लेकर जाना ही नहीं चाहिए था। अगर और दिक्कतें थीं तो उसने कोई सूचना क्यों नहीं दी। ये ड्राइवर की मनमानी है। घटना होने पर कौन जिम्मेदार होता? मामले में संविदा चालक से जवाब तलब किया गया है।
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अवध बस डिपो की एसी जनरथ बस यूपी 33 एटी 5856 का चालक गुरुवार रात करीब आठ बजे खराब हेडलाइट वाली बस को 260 किलोमीटर दूर आजमगढ़ ले गया। उसने करीब सात घंटे के सफर में 44 श्रमिकों की जान जोखिम में डाल दी। रास्ते भर श्रमिक चालक से इसपर नाराजगी भी जताते रहे।
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मगर चालक का आरोप है कि फोरमैन ने बस को ओके करने के बाद दिया है। बस की जांच में बैटरी और अल्टरनेटर भी काम नहीं कर रहा था। जब उसने बस ले जाने से मना किया तो फोरमैन ने उसे जबरन बस ले जाने के लिए कहा। इतना ही नहीं स्टेशन पर बस को धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ा था।
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इस मामले में अवध डिपो के एआरएम गोपाल दयाल ने बताया कि बस की लाइट ठीक नहीं थी। इसलिए ड्राइवर को बस लेकर जाना ही नहीं चाहिए था। अगर और दिक्कतें थीं तो उसने कोई सूचना क्यों नहीं दी। ये ड्राइवर की मनमानी है। घटना होने पर कौन जिम्मेदार होता? मामले में संविदा चालक से जवाब तलब किया गया है।