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लखनऊ में जीका वायरस की दस्तक: दो मरीज मिलने से मचा हड़कंप, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में खलबली
Thu, 11 Nov 2021 10:03 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 11 Nov 2021 10:03 PM IST
सार
दोनों मरीज अलग.अलग इलाकों के रहने वाले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रात में ही उन क्षेत्रों में जांच शुरू करा दी है। कोरोना, डेंगू के बाद अब जीका वायरस ने दस्तक दे दी है।
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जीका वायरस
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विस्तार
लखनऊ में जीका वायरस के पहले दो मामले सामने आए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। दोनों मरीज अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रात में ही उन क्षेत्रों में जांच शुरू करा दी है। कोरोना, डेंगू के बाद अब जीका वायरस ने दस्तक दे दी है। इससे अफसरों में खलबली मच गई है। हुसैनगंज के फूलबाग निवासी एक पुरुष में जीका वायरस की पुष्टि हुई है। बुखार के बाद मरीज की जांच कराई गई थी। जबकि दूसरा मामला कृष्णानगर निवासी 24 वर्षीय महिला पर भी जीका वायरस की पुष्टि हुई है।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन ने बताया महिला में अभी तक किसी तरह के कोई लक्षण नहीं है। जबकि दूसरा मरीज जांच कराने बाद गैर जनपद जा चुका है। दोनों मरीजों की तबीयत सामान्य है। बताया मरीजों में जीका की पुष्टि के बाद राहत कार्य शुरू करा दिया गया है। रात में मरीज के घर व उसके आसपास के लोगों की कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग कराई गई। राहत की बात यह है कि मरीज के आस पड़ोस के लोगों में बुखार की पुष्टि नहीं हुई है। मरीज के परिवार के चार सदस्यों के खून के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। 50 घरों में कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है। दोनों मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिली है।
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हफ्ते भर पहले से भेजे जा रहे थे नमूने
कानपुर में जीका वायरस का प्रकोप होने बाद स्वास्थ्य विभाग ने करीब एक हफ्ते पहले सरकारी व निजी अस्पतालों में बुखार के आने वाले मरीजों की डेंगू, टॉयफाइड, मलेरिया संग जीका की जांच के निर्देश दिए थे। डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन ने बताया सभी अस्पताल प्रभारियों को बुखार के आने वाले मरीजों के नमूने लेकर जांच कराई जा रही थी ताकि जीका का पता लगाया जा सके। सभी अस्पताल हर दूसरे दिन नमूना भेज रहे थे। जिसके बाद ही लखनऊ में दो मामले पकड़ में आए हैं। अब सभी अस्पतालों को नियमित तौर जीका की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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लोकबंधु में बना जीका वार्ड
जीका वायरस के मरीज सामने आने बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। सीएमओ के निर्देश पर लोकबंधु अस्पताल में तीन बेड का जीका वार्ड बनाया गया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया अभी तीन बेड का आईसोलेशन जीका वार्ड बनाया गया है। जरूरत होने पर बेड की तादाद बढ़ाई जाएगी। सभी अस्पतालों में भी अलग से जीका वार्ड बनाए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
क्या है जीका वॉयरस
जीका वायरस भी वही मच्छर की प्रजाति से फैलता है जिससे डेंगू भी फैलता है यानी एडीस मच्छर। जीका वायरस सलाइवा और सीमेन जैसे शरीर के तरल पदार्थ के आदान-प्रदान से संक्रामक हो सकता है। यह मनुष्यों के खून में भी पाया जा सकता है।
लक्षण
जीका वायरस के लक्षण डेंगू के समान हैं। किसी व्यक्ति को संक्रमित मच्छर से काटे जाने के बाद थोड़ा जीका बुखार और चकत्ते दिखाई दिए जा सकते है। कॉंजक्टिवेटाइटिस, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, और थकावट कुछ अन्य लक्षण हैं जिन्हें महसूस किया जा सकता है। लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर ने बताया जीका वॉयरस का असर करीब पंद्रह दिन तक रहता है।