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Lucknow News: केजीएमयू में रोबोट से प्रत्यारोपित किए गए घुटने, तीन मरीजों की हुई सर्जरी
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सर्जरी करने वाली डॉक्टरों की टीम।
लखनऊ। किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में अब रोबोट के माध्यम से घुटनों का प्रत्यारोपण शुरू हो गया है। संस्थान में एक साथ तीन मरीजों के घुटने रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से प्रत्यारोपित किए गए हैं। विवि में स्वदेश निर्मित रोबोट के माध्यम से इसी साल से रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत की गई है। ऑर्थोपेडिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रो. आशीष कुमार और डॉ. कुमार शांतनु, डॉ. दीपक कुमार, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. अर्पित और डॉ. रवींद्र के साथ ही डॉ. नीलकमल और उनकी एनेस्थीसिया टीम ने यह सर्जरी की। संस्थान के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि केजीएमयू के साथ ही प्रदेश में किसी भी सरकारी संस्थान में पहली बार रोबोट के माध्यम से घुटने प्रत्यारोपित किए गए हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत सर्जरी: रोबोटिक सर्जरी वाले तीनों मरीजों में 65 वर्षीय राम जतन, 75 वर्षीय राम सजीवन और 61 वर्षीय गोरख सिंह को आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती किया गया था। तीनों के घुटने रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से प्रत्यारोपित किए गए हैं। यह सर्जरी ज्यादा सटीक होती है। इसमें खून कम बहता है। मरीज को अस्पताल से छुट्टी भी जल्द मिल जाती है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी वाले तीनों मरीजों में 65 वर्षीय राम जतन, 75 वर्षीय राम सजीवन और 61 वर्षीय गोरख सिंह को आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती किया गया था। तीनों के घुटने रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से प्रत्यारोपित किए गए हैं। यह सर्जरी ज्यादा सटीक होती है। इसमें खून कम बहता है। मरीज को अस्पताल से छुट्टी भी जल्द मिल जाती है।
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कम कीमत में गुणवत्तापूर्ण इलाज देने का लक्ष्य
केजीएमयू में पहली बार रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से घुटने प्रत्यारोपित किए गए हैं। इसके लिए टीम को बधाई। यह संस्थान की उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य कम फीस में गुणवत्तापूर्ण इलाज देना है।
- डाॅ. सोनिया नित्यानंद, कुलपति, केजीएमयू
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आयुष्मान भारत योजना के तहत सर्जरी: रोबोटिक सर्जरी वाले तीनों मरीजों में 65 वर्षीय राम जतन, 75 वर्षीय राम सजीवन और 61 वर्षीय गोरख सिंह को आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती किया गया था। तीनों के घुटने रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से प्रत्यारोपित किए गए हैं। यह सर्जरी ज्यादा सटीक होती है। इसमें खून कम बहता है। मरीज को अस्पताल से छुट्टी भी जल्द मिल जाती है।
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आयुष्मान भारत योजना के तहत सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी वाले तीनों मरीजों में 65 वर्षीय राम जतन, 75 वर्षीय राम सजीवन और 61 वर्षीय गोरख सिंह को आयुष्मान भारत योजना के तहत भर्ती किया गया था। तीनों के घुटने रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से प्रत्यारोपित किए गए हैं। यह सर्जरी ज्यादा सटीक होती है। इसमें खून कम बहता है। मरीज को अस्पताल से छुट्टी भी जल्द मिल जाती है।
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कम कीमत में गुणवत्तापूर्ण इलाज देने का लक्ष्य
केजीएमयू में पहली बार रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से घुटने प्रत्यारोपित किए गए हैं। इसके लिए टीम को बधाई। यह संस्थान की उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य कम फीस में गुणवत्तापूर्ण इलाज देना है।
- डाॅ. सोनिया नित्यानंद, कुलपति, केजीएमयू